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नरेंद्र गिरि: छह पेज के सुसाइड नोट में 41 बार कटिंग, बड़ा सवाल-कौन है वो दो लोग जिनपर है 50 लाख रुपये बकाया
Wed, 22 Sep 2021 11:12 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 22 Sep 2021 11:12 AM IST
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Mahant Narendra Giri
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरी की मौत की गुत्थी उलझी है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के कथित सुसाइड नोट के बारे में फिलहाल यह तय नहीं है कि उसमें कितनी सच्चाई है। लेकिन इससे सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। सुसाइड नोट को सही माना जाए तो पता चलता है कि आनंद गिरि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को ब्लैकमेल कर रहा था। कथित सुसाइड नोट में एक जगह लिखा है ‘आनंद ने कहा था, महाराज कहां तक सफाई देते रहोगे। इसके साथ ही यह भी लिखा है कि आनंद, आद्या और संदीप ने विश्वासघात किया। फिलहाल पुलिस ने शिष्य आनंद गिरि व बड़े हनुमान मंदिर के पुजार आद्या तिवारी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आनंद गिरि से पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की है। पुलिस ने गनर समेत चार अन्य लोगों को हिरासत में भी लिया है। जिन्हें अलग स्थान पर रखकर पूछताछ चल रही है।
महंत नरेंद्र गिरी और उनके लिखे सुसाइड नोट की प्रति
- फोटो : अमर उजाला
कथित सुसाइड नोट वायरल, आनंद समेत तीन को लिखा मौत का जिम्मेदार
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात यह रही कि देर शाम को सोशल मीडिया पर एक सुसाइड नोट भी वायरल हुआ। कथित रूप से इसे महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से बरामद सुसाइड नोट बताया गया। इसमें साफ लिखा है कि आनंद गिरि कंप्यूटर के जरिए एक महिला के साथ उनकी तस्वीर बनाकर इसे वायरल करने वाला था। जिससे बेहद दुखी होकर वह यह कदम उठा रहे हैं।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात यह रही कि देर शाम को सोशल मीडिया पर एक सुसाइड नोट भी वायरल हुआ। कथित रूप से इसे महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से बरामद सुसाइड नोट बताया गया। इसमें साफ लिखा है कि आनंद गिरि कंप्यूटर के जरिए एक महिला के साथ उनकी तस्वीर बनाकर इसे वायरल करने वाला था। जिससे बेहद दुखी होकर वह यह कदम उठा रहे हैं।
महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट
- फोटो : अमर उजाला
सुसाइड नोट में आनंद के साथ ही मौत का जिम्मेदार बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी व उसके बेटे संदीप तिवारी को भी बताया गया है। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि सुसाइड नोट कितना प्रामाणिक है, यह फोरेंसिक जांच के बाद ही पता चलेगा।
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सात दिन पहले लिख लिया था सुसाइड नोट
महंत के कथित सुसाइड नोट को देखने से पता चलता है कि इसे हफ्ते भर पहले ही लिख लिया गया था। पहले इस पर 13 सितंबर की तारीख पड़ी थी। बाद में इसके कई पन्नों पर ओवराइटिंग कर 20 सितंबर की तारीख डाली गई। यह सुसाइड नोट अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के लेटर पैड पर लिखा गया है। यह भी लिखा गया कि मैं 13 सितंबर को ही आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया।
महंत के कथित सुसाइड नोट को देखने से पता चलता है कि इसे हफ्ते भर पहले ही लिख लिया गया था। पहले इस पर 13 सितंबर की तारीख पड़ी थी। बाद में इसके कई पन्नों पर ओवराइटिंग कर 20 सितंबर की तारीख डाली गई। यह सुसाइड नोट अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के लेटर पैड पर लिखा गया है। यह भी लिखा गया कि मैं 13 सितंबर को ही आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया।
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- फोटो : अमर उजाला
छह पेज के सुसाइड नोट में 41 बार कटिंग
महंत नरेंद्र गिरि का कथित सुसाइड नोट छह पेज का है, जिस पर कुल 41 बार कटिंग की गई है। इनमें शब्दों के साथ ही तारीख में की गई कटिंग भी शामिल है। इसमें जो भी बातें लिखी गईं, उसका कई पन्नों पर रिपीटिशन भी है यानी वह बातें-बातें कई बार लिखी गई हैं। सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें महंत शब्द दो अलग-अलग तरीके से लिखा है। कई जगह महन्त लिखा गया है तो एक जगह पूरे शब्द की जगह सिर्फ म शब्द का प्रयोग किया गया है।
महंत नरेंद्र गिरि का कथित सुसाइड नोट छह पेज का है, जिस पर कुल 41 बार कटिंग की गई है। इनमें शब्दों के साथ ही तारीख में की गई कटिंग भी शामिल है। इसमें जो भी बातें लिखी गईं, उसका कई पन्नों पर रिपीटिशन भी है यानी वह बातें-बातें कई बार लिखी गई हैं। सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें महंत शब्द दो अलग-अलग तरीके से लिखा है। कई जगह महन्त लिखा गया है तो एक जगह पूरे शब्द की जगह सिर्फ म शब्द का प्रयोग किया गया है।