प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भक्ति-प्रेम-ज्ञान रूपी गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर लगे विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम वाले महाकुंभ में अपने मौन से पूरी दुनिया काध्यान खींचा। मोदी ने विशेष मुहूर्त में अमृतमयी त्रिवेणी में 11 डुबकी लगाई। भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर देशवासियों के आरोग्य और कल्याण की कामना की। इसके बाद ध्यानमग्न मुद्रा में 108 बार रुद्राक्ष की माला का जप किया। स्नान, तप और ध्यान के समय संगम पर मोदी का एकांत बहुत कुछ बयां कर रहा था। मौनी अमावस्या स्नान हादसे के आठ दिन बाद बुधवार को पीएम मोदी दोपहर करीब 12:05 बजे अरैल घाट से मोटरबोट से संगम पहुंचे।
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संगम में डुबकी लगाने के बाद पीएम ने परिक्रमा लगाकर पूजा की।
- फोटो : पीटीआई।
गुप्त नवरात्र में भीमा अष्टमी तिथि पर भरनी नक्षत्र और शुक्ल योग में पीएम मोदी ने लाल वस्त्र में संगम में 11 डुबकी लगाई। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देकर उन्होंने पूर्वाभिमुख होकर 108 बार रुद्राक्ष की माला भी जपी। मोदी ने मां गंगा को चुनरी चढ़ाई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम में डुबकी लगाई।
- फोटो : पीटीआई
इसके बाद तांबे की लुटिया में लाए जल से सोना, काला तिल के साथ तर्पण-अर्पण किया। पुजारी राजेश तिवारी, अभिषेक शुक्ला और गिरीश मिश्रा ने षोडशोपचार विधि से मां गंगा का दुग्धाभिषेक और सविधि पूजन कराया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम में डुबकी लगाई।
- फोटो : पीटीआई।
करीब 25 मिनट तक पीएम मोदी संगम तट पर स्नान, पूजा, ध्यान और गंगा आरती करते रहे। पीएम मोदी माघ महीने की अष्टमी तिथि पर संगम में डुबकी लगाकर देशवासियों की कल्याण की। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ जेटी पर मौजूद थे।
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पीएम मोदी ने संगम में डुबकी लगाई।
- फोटो : पीटीआई।
इसके बाद एक्स हैंडल पर पीएम मोदी ने संगम में स्नान की तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा, मां गंगा का आशीर्वाद पाकर मन को असीम शांति और संतोष मिला। उन्होंने मां गंगा से सभी देशवासियों के सुख-समृद्धि, आरोग्य और कल्याण की भी कामना की।