स्मार्ट सिटी योजना के दूसरे चरण में सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पिछड़ गया है। माघ मेला से पहले कैमरों को लगाने का काम करना था, अब मेला आधा बीत चुका है, लेकिन काम 25 फीसदी से अधिक बाकी है। अफसर इसके पीछे ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने में आ रही बाधा को कारण बता रहे हैं।
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- फोटो : प्रयागराज
स्मार्ट सिटी योजना के प्रथम चरण में 450 सीसीटीवी कैमरे शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए थे। कुंभ के पहले यह काम पूरा हुआ। मार्च 2019 में द्वितीय चरण के तहत 387 कैमरों की स्थापना का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव, डीपीआर और ँअनुमोदन के बाद काम शुरू किया गया, जो 31 दिसंबर तक पूरा होना था। 15 जनवरी तक 101 स्थानों पर काम शुरू ही नहीं किया गया था। यहां करीब 125 कैमरे स्थापित किए जाने हैं।
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सिटी सर्विलांस सिस्टम का यह काम कार्यदायी संस्था एलएंडटी करा रही है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक के दौरान कंपनी के अफसरों ने बताया कि ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने में दिक्कत आ रही है। कार्यों के भौतिक सत्यापन में कहीं खंभे नहीं मिले और जहां खंभे लगे वहां कैमरे नहीं थे। कनेक्शन का काम भी सुस्त रहा।
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इनवायरमेंटल सेंसर नहीं लगे, ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का काम भी अधूरा
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के 28 संवेदनशील स्थानों पर इनवायरमेंटल सेंसर लगाने का काम अभी तक शुरू ही नहीं किया जा सका है। कभी धुंध, स्मॉग और धूल-गर्दा से परेशान लोगों को स्मार्ट सिटी में प्रदूषण स्तर की जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसी क्रम में ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के चिह्नित 18 स्थानों पर काम अधूरा है। 00वर्जन))- सप्ताह में एक दिन स्मार्ट सिटी कार्यों की समीक्षा की जाती है। सीसीटीवी कैमरों की स्थापना में केबल बिछाने में दिक्कत आ रही है। संबंधित विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया चल रही है। 15 फरवरी तक यह काम पूरा करा लिया जाएगा। -0 रवि रंजन, नगर आयुक्त, सीईओ स्मार्ट सिटी कंपनी, प्रयागराज।