पौष पूर्णिमा पर शुक्रवार को संगम पर भक्ति के कारवां के बीच आस्था की डुबकी के साथ संतों-भक्तों के सबसे बड़े समागम के रूप में महीने भर के माघ मेले का शुभारंभ हो गया। आस्था, भक्ति और विश्वास की त्रिवेणी में प्रथम डुबकी लगा कर जीवन धन्य बनाने के लिए हर कोई आतुर था। कोहरे की घनी चादर में हाड़ कंपा देने वाली ठंड भी आस्था के कदमों को नहीं डिगा सकीं।कोई लेटते हुए संगम पर स्नान के लिए पहुंचा, तो कोई बैंडबाजा के साथ नाचते-कीर्तन करते हुए। इसी के साथ महीने भर का माघ मेला आरंभ हो गया।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
देर शाम मेला प्रशासन ने शाम तक 5.10 लाख श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का दावा किया। भोर में ही सिर पर आस्था की गठरी लिए श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ने लगे। 6.04 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़के तापमान के बीच हर हर गंगे के जयकारों केसाथ लोग संगम की ओर आगे बढ़ते रहे। एक तरफ स्नान और दूसरी ओर पतितपावनी गंगा के दोनों तटों पर अन्न, वस्त्र का दान कर पुण्य कमाने के जतन कि जाते रहे।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़।
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कहीं जयकारे गूंजते रहे तो कहीं दीयों की लौ जलाकर मंगल कामनाएं की जाती रहीं। संगम के अलावा रामघाट, काली घाट, गंगोली शिवाला घाट, अरैल, दशाश्वमेध घाट पर देर शाम तक संतों-भक्तों और कल्पावसियों ने पुण्य की डुबकी लगाई। त्रिवेणी की धारा में गोता लगाकर पुण्य कमाने की होड़ में युवा भी शामिल रहे। कल्पवासियों, श्रद्धालुओं की भीड़ तो उमड़ी ही, संतों की टोलियां भी स्नान के लिए दिन भर संगम पहुंचती रहीं।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़।
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पौ फटने के साथ ही संगम केतट पर गठरी, झोला, कपड़ा रखने और सहेजने की चिंता हर तरफ दिखाई देने लगी। स्नान घाटों हर श्रद्धालु के माथे पर तिलक-त्रिपुंड लगाने वाले पुरोहित भी भक्ति भाव का संचार करते रहे।
इससे पहले माघ मेला के प्रथम स्नान पर्व पर आधी रात के बाद ही मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्राली पर पुआल, लकड़ी,चूल्हा और गृहस्थी के सामान लेकर कल्पवासी अलग मार्ग से अपने शिविरों में पहुंचते रहे। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और मेलाधिकारी अरविंद चौहान लगतार संगम समेत अन्य घाटों पर सुगम स्नान के बाबत भ्रमण करते रहे।
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स्नान घाटों पर मुस्तैद रहे अफसर, प्रवेश द्वारों पर कड़ी सुरक्षा
पौष पूर्णिमा पर कल्पवासियों, संतों, भक्तों के संगम पर डुबकी लगाने के लिए सुगम यातायात और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। इस दौरान कमांडो दस्ता के साथ पुलिस के आला अफसर मार्च करते रहे। इसके लिए अलग-अलग घाटों और तिराहों, चौराहोंपर पुलिस, पीएसी, एटीएस, आरएएफ के अलावा घुड़सवार पुलिस, महिला पुलिस के जवानों के साथ अग्निशमन दस्ते को तैनात किया गया था। गंगा की धारा में स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए गोताखोर भी लगाए गए थे। इस दौरान एडीजी भानु भास्कर, पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा, अपर पुलिस कमिश्नर आकाश कुलहरि, एसएसपी माघ मेला डॉ. राजीव नारायण मिश्र और एसपी मेला आदित्य शुक्ल लगातार मेला क्षेत्र में गश्त करते रहे।