माघ मकर गत रवि जब होई/तीरथपतिहिं आव सब कोई/देव दनुज किन्नर नर श्रेनी/सादर मज्जहिं सकल त्रिवेनी...। तुलसी की यह चौपाइयां रविवार को मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम तीरे साकार होती रहीं। बर्फीली हवाओं के बीच कंपकंपी की परवाह किए बिना त्रिवेणी की पावन धारा को आस्थावान मथकर धन्य होते रहे।
Magh Mela 2023 : मकर संक्रांति करीब 25 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी, रेती पर गूंजा हर-हर महादेव
भक्ति का जन प्रवाह शनिवार की रात तेज हो गया। देश को कोने-कोने से श्रद्धालु संगम पहुंचने लगे। सूर्य के उत्तरायण होने पर रविवार की सुबह पुण्यकाल का फल अर्जित करने के लिए पुरनियों से लेकर युवाओं तक में होड़ सी मच गई। कोई लेटते हुए संगम पर पहुंचा तो कोई बैंडबाजे के साथ।
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भक्ति का जन प्रवाह शनिवार की रात तेज हो गया। देश को कोने-कोने से श्रद्धालु संगम पहुंचने लगे। सूर्य के उत्तरायण होने पर रविवार की सुबह पुण्यकाल का फल अर्जित करने के लिए पुरनियों से लेकर युवाओं तक में होड़ सी मच गई। कोई लेटते हुए संगम पर पहुंचा तो कोई बैंडबाजे के साथ। उत्साह का ठिकाना नहीं था। काली मार्ग हो या त्रिवेणी मार्ग या फिर पांटून पुलों से होकर गंगा पार सेक्टरों में जाने वाले रास्ते, हर तरफ लंबी कतारें लगी रहीं।
प्रयागराज में मकर संक्रांति के अवसर पर त्रिवेणी में स्नान का सौभाग्य पाने वाले पूज्य संतों व श्रद्धालुओं का अभिनंदन!
संक्रांति के अवसर पर अब तक 39 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है।
पर्व के सकुशल संपन्न होने की प्रशासन व प्रदेश वासियों को बधाई!
अपनों का हाथ थामे सिर पर गठरी और हाथ में झोला लिए श्रद्धालु घाटों की ओर बढ़ते रहे। कहीं रेती पर ध्यान तो कहीं शंखनाद कर संक्रांति पर्व के भावों को प्रकट किया जाता रहा। संगम जाने वाले रास्तों पर स्नान, ध्यान के साथ ही आतिथ्य सत्कार और सेवा की भी मिसाल पेश की जाती रही। जगह-जगह खिचड़ी, खीर-पूड़ी, बुंदिया का वितरण कर पुण्य अर्जित करने में लोग लगे रहे।
महिलाएं डुबकी के साथ गंगा के तटों पर दीपदान, आरती कर मंगल गीत गाती रहीं। गंगा के स्नान घाटों पर हर तरफ एक जैसा ही हाल रहा। स्नान के साथ तीर्थ पुरोहितों की टोलियां कमंडल के साथ श्रद्धालुओं के माथे पर तरह-तरह के तिलक-त्रिपुंड लगाकर आशीष से नवाजतीं भी रहीं।
-18500 शौचालय मेला क्षेत्र में स्वच्छता के लिए किए गए हैं स्थापित
-15 घाटों पर लगी मकर संक्रांति स्नान पर्व की डुबकी
-24.60 लाख श्रद्धालुओं ने किया मकर संक्रांति पर संगम स्नान
-100 से अधिक स्थानों पर खिचड़ी, खीर-पूड़ी के वितरण से दिया गया आतिथ्य का संदेश