तीर्थराज प्रयाग में शुक्रवार को भक्त और भगवान के बीच होली की अनूठी झलक हर किसी के लिए यादगार बन गई। मौका था रंगभरी एकादशी का। नगर देवता वेणी माधव के दरबार में रंगोत्सव पर्व पर मंदिर का हर कोना अबीर-गुलाल से लाल हो गया। इससे पहले दिन में स्कूल-कॉलेजों के साथ ही मठ-मंदिरों और सामाजिक संस्थानों में भी जमकर होली खेली गई। इसी के साथ प्रयागराज में होली की औपचारिक शुरुआत हो गई।
प्रभु पर बरसे अबीर-गुलाल, मंदिर का हर कोना हुआ लाल
सांझ ढलने के साथ ही घर-घर से लोग निकलकर अबीर-गुलाल की पोटली के साथ वेणी माधव मंदिर पहुंचने लगे। वहां प्रभु को अबीर-गुलाल का अर्पण किया जा रहा था। रात करीब 8:30 बजे सविधि पूजा के बाद मंदिर के पुजारी अभिषेक दुबे और विजय तिवारी ने भगवान के चढ़ाया गया अबीर-गुलाल भक्तों पर उड़ेलना शुरू किया। इसी के साथ मंदिर में भगवान और भक्तों के बीच होली खेली जाने लगी। प्रेमरंग में प्रभु के दरबार का हर कोना लाल हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान पर पुष्पवर्षा भी की।
इसके बाद बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर रंगोत्सव की खुशियां साझा करने लगे। होली है... के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंजने लगा। रात 10 बजे तक चले रंगोत्सव के बाद होली गीत भी गाए गए। इसे बाद आरती के साथ भगवान को शयन कराया गया। इसी के साथ प्रयागराज में होली की शुरूआत भी हो गई।
इससे पहले दिन में शहर के कई मंदिरों , शैक्षणिक, सामाजिक संस्थानों में होली खेली गई। महाजनी टोला के निंबार्काचार्य पीठ में होलिकोत्सव के तहत माधुरी परिवार की ओर से फूलों की होली यादगार बन गई। श्रद्धालुओं ने गुलाब की पंखुड़ियों से जमकर होली खेली। इसी तरह चौक गंगा दास स्थित राधारमण मंदिर में भगवान का मोहक शृंगार किया गया। इसके बाद बीर-गुलाल और फूलों की होली खेली गई।