लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद लोग कोरोना के खतरे को लेकर सतर्कता नहीं बरत रहे हैं। मना करने के बावजूद वह बेवजह घरों से निकले और रोकने पर पुलिसकर्मियों से उलझे भी। नतीजा यह हुआ कि पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी जिसके तहत जिले भर में 17 मामले दर्ज किए गए।
मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले ही कह दिया था कि महामारी को रोकने के लिए कुछ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत प्रयागराज समेत कई अन्य जिलों में 23 से 25 तक लॉकडाउन किया गया है। देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सीएम ने डीजीपी समेत समस्त जिलों के डीएम-एसएसपी को निर्देश दिए कि लॉकडाउन के पालन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। इसके तहत रात में ही सड़कों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस ने सोशल मीडिया सेल के माध्यम से भी एडवाइजरी जारी कर लॉकडाउन में लोगों से सहयोग मांगा।
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जिसमें सबसे प्रमुख बात यह थी कि बेवजह घर से बाहर न निकलें। सोमवार को सुबह से ही एडीजी जोन प्रेमप्रकाश, आईजी केपी सिंह, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अफसर भ्रमण कर लोगों से घरों में रहने की अपील करते नजर आए। लेकिन इसके बावजूद बहुत से लोग बिना किसी कारण के बाहर निकले। पुलिस ने मना किया तो वह नोकझोंक भी करते नजर आए।
कई जगह तो बात इतनी बढ़ी कि पुलिस को डंडा पटककर उन्हें खदेड़ना पड़ा। पुराने शहर में कई जगहों पर लोग एकत्रित हुए। जिसे लेकर पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया। इसके तहत ऐसे लोगों पर रिपोर्ट भी दर्ज की। सोमवार को जिले के अलग-अलग थानों में ऐसे कुल 17 मामले दर्ज किए गए।
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जिसमें धारा 144 के उल्लंघन व एपिडेमिक डिजीज एक्ट के तहत दो दर्जन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस अफसरों का कहना है कि लोगों से अपील की गई है कि लॉकडाउन के दौरान वह घर से न निकलें। नहीं मानने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।