देश में निर्मित पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का आगाज अच्छा नहीं रहा। अपने पहले ही सफर में वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से इलाहाबाद जंक्शन पहुंचने में 1.08 घंटे लेट हो गई। वापसी में वाराणसी से आने में भी ट्रेन 1.42 घंटे विलंबित रही। इस वजह से यात्रियों को दिक्कत तो हुई लेकिन नई ट्रेन में सफर करने की चाह पूरी होने से अधिकांश के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। ट्रेन में दोनों ही ओर से प्रतीक्षा सूची रही। आने वाले कई दिनों में ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार में प्रतीक्षा सूची ही है।
Kumbh 2019: पहले ही सफर में वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों ओर से लेट, जानिए यात्रियों का क्या रहा अनुभव
दिल्ली से वंदे भारत एक्सप्रेस रविवार सुबह छह बजे चली। इस बीच दिल्ली और एनसीआर में कोहरे की वजह से ट्रेन की स्पीड पर भी फर्क पकड़ा। कानपुर पहुंचते-पहुंचते ट्रेन 1.12 घंटे लेट हो गई। इलाहाबाद जंक्शन पर भी ट्रेन दिन में 12.23 बजे की बजाय 1.31 बजे पहुंची। 1.35 बजे ट्रेन जंक्शन से प्रयाग के रास्ते वाराणसी के लिए रवाना हुई। वहां भी 1.25 घंटे की देरी से ट्रेन दिन में 3.25 बजे वाराणसी पहुंच सकी। उधर, वाराणसी से भी वंदे भारत दिन में तीन बजे की बजाय शाम 4.20 बजे चली, जो 1.42 घंटे की देरी से शाम 6.17 बजे जंक्शन पहुंची।
पहले दिन इस ट्रेन से इलाहाबाद से वाराणसी के बीच 117 यात्रियों ने सफर किया, जबकि इलाहाबाद से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या 657 रही। इसमें 67 यात्री एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयरकार में 590 यात्री रवाना हुए। दिल्ली से इलाहाबाद पहुंचने पर वंदे भारत प्लेटफार्म नंबर पांच पर यहां चार मिनट तो वापसी में प्लेटफार्म नंबर छह पर कुल तीन मिनट रुकी। हालांकि ट्रेन का ठहराव यहां कम होने की वजह से कैटरिंग वाले वेंडर उतर नहीं सके। जबकि ऑटोमेटिक दरवाजे ट्रेन के निर्धारित ठहराव दो मिनट के बाद बंद हो जाने से चेकिंग स्टाफ को पीछे वाले कोच से चढ़ना पड़ा।
वंदे भारत में बिना टिकट यात्रा करने वाले पकड़े गए तीन वर्दीधारी
वंदे भारत में बिना टिकट सफर करना तीन पुलिस वालों को महंगा पड़ गया। कानपुर से ये तीनों वर्दीधारी ट्रेन में सवार हो गए। इनके पास टिकट नहीं था। इसकी सूचना जंक्शन पर मिली तो ट्रेन आने के पहले ही चेकिंग स्टाफ प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंच गया। इस दौरान तीनों वर्दीधारी नीचे उतरे तो उनसे चेकिंग स्टाफ ने जुर्माना वसूला। चेकिंग स्टाफ के साथ आरपीएफ कर्मी भी मौजूद रहे। तीनों ही पुलिस कर्मियों से 3510-3510 रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही हिदायत दी गई कि बिना टिकट वे सफर न करें। इनके नाम गया प्रसाद, पुनीत दुबे और महेंद्र प्रसाद बताए जा रहे हैं। उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है।
दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए जंक्शन से ही चढ़ा खाना
वंदे भारत से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए इलाहाबाद जंक्शन से ही रात का खाना चढ़ा। यहां आईआरसीटीसी ने ट्रेन में खाने का ठेका सिविल लाइंस की पिंड बल्लुची नाम की फर्म को दिया है। इस दौरान संबंधित फर्म से जुड़े लोगों ने वंदे भारत में भोजन के 600 से ज्यादा पैकेट चढ़ाए। हर एक पैकेट में खाने का वजन 675 ग्राम रहा। इसमें दो सब्जियां, एक दाल, सलाद, कुल्चा रोटी, राइस, मिठाई आदि शामिल रही।