मां और बहन की हत्या करने वाले आरिफ के बड़े भाई आजम ने बृहस्पतिवार को सनसनीखेज आरोप लगाया कि आरिफ आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से प्रभावित था। आरिफ अक्सर आईएसआईएस के वीडियो देखता था और घर पर उसने आईएसआईएस का काला झंडा भी फहराया था।
आजम ने बताया कि आतंकी संगठन से प्रभावित होने के बाद आरिफ की सोच बहुत कट्टर हो गई थी। वह हमेशा गंभीर रहता था। घर के बच्चे भी उससे डरने लगे थे। वह हर समय लड़ाई पर उतारू रहता था। आईएसआईएस और तालिबान के टेप खुद भी सुनता था और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करता था। घरवाले ही नहीं पूरा मोहल्ला यह बात जानता है।
आजम ने कहा कि जिस तरह उसने इतनी बड़ी फोर्स से मुकाबला किया, यह सामान्य व्यक्ति नहीं कर सकता। वह छत पर काला झंडा लेकर पुलिस के सामने ही धार्मिक नारे लगा रहा था। आजम का यह भी आरोप है कि आरिफ के साथ उसके दो साथी भी चापड़ से हमला कर रहे थे। उसने और पत्नी शबाना ने सब कुछ देखा है।
2 of 5
आरोपी के द्वारा फेंकी गईं तेजाब की बोतलें।
- फोटो : अमर उजाला।
अलग-अलग दुकानों से खरीदा था तेजाब
आरिफ काफी दिनों से वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। उसे पता था कि घर में चीख-पुकार मची तो आस पड़ोस के लोग इकट्ठे हो जाएंगे। पड़ोसियों से निपटने के लिए उसने काफी पहले से तेजाब इकट्ठा करना शुरू कर दिया था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसने अलग-अलग दुकानों से टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब खरीदना शुरू किया। कुछ ही महीनों में उसके पास सैकड़ों तेजाब की बोतलें इकट्ठी हो गईं। पुलिस का कहना है कि दुकानदारों से पूछताछ की जाएगी।
3 of 5
आरोपी द्वारा फेंकी गईं तेजाब की बोतलें।
- फोटो : अमर उजाला।
दो रातों से एक पल भी नहीं सोया था आरिफ
आरिफ और उसके घरवालों के बीच तीन दिन पहले झगड़ा हुआ था। इसके बाद उसकी पत्नी नौशीन बेटी को लेकर मायके चली गई। आरिफ ने पुलिस को बताया कि वह दो रातों से एक पल के लिए भी नहीं सोया था।
4 of 5
मां और बहन की हत्या के आरोपी को पकड़कर ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
बीएचएस से दसवीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया बीकॉम
आरिफ कहीं नौकरी नहीं करता था। कुछ समय पहले तक गुजारे के लिए वह कॉन्वेंट के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। उसने शहर के प्रतिष्ठित बीएचएस से 10वीं तक की पढ़ाई की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीकॉम किया। उसकी पत्नी गवर्नमेंट प्रेस में कर्मचारी है। पैसों की कोई बहुत दिक्कत नहीं थी, लेकिन उसके मन में यह बात घर कर गई थी कि माता-पिता उसके साथ अन्याय कर रहे हैं।
5 of 5
करेली में मां बेटी की हत्या के बाद गमगीन परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
तीन दिन पहले मायके चली गई थी नौशीन
आरिफ की पत्नी नौशीन तीन दिन पहले ही बेटी शुबा को लेकर मायके चली गई थी। उसका मायका सोलह मार्केट के पास है। पिता की मौत के बाद उसे गवर्नमेंट प्रेस में नौकरी मिली है। वह कभी ससुराल तो कभी मायके में रहती है। तीन दिन पहले आरिफ और उसके घरवालों में काफी झगड़ा हुआ था। इसके बाद वह बेटी को लेकर मायके चली गई थी। बुधवार को बेटी को स्कूल छोड़ने के बाद वह अपने कार्यालय गई थी। नौशीन पर भी हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है। आरिफ महीनों से टॉयलेट साफ करने वाले तेजाब की बोतलें इकट्ठा कर रहा था। उसने अपने कमरे में सैकड़ों बोतलें रखी थीं। नौशीन को यह बात पता थी कि नहीं, इसकी जांच की जा रही है।