लगातार जलस्तर बढ़ने से शनिवार की शाम गंगा-यमुना ने विकराल रूप धारण कर लिया। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई हैं। तेजी से बढ़ते जलस्तर के चलते बाढ़ के पानी ने निचले इलाकों में बने सैकड़ों घरों को चपेट में ले लिया। इस बीच बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को नावों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। बाढ़ आपदा से निबटने के लिए प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। शाम छह बजे गंगा-यमुना चेतावनी बिंदु से 39 सेमी और खतरे के निशान से सिर्फ 1.39मीटर नीचे बह रही थीं।
प्रयागराज में विकराल हुईं गंगा-यमुना, कछार की बस्तियां जलमग्न
गंगा-यमुना में उफान से शनिवार को कछारी इलाके पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में दिन-रात गृहस्थी बचाने की मशक्कत चल रही है। तटीय बस्तियों में पानी घुसने के बाद देर रात तक सैकड़ों परिवारों को घर छोड़कर राहत शिविरों, रिश्तेदारों या परिचितों के यहां शरण लेनी पड़ी। द्रोपदी घाट, नेवादा और बेली में तमाम लोगों ने छतों पर चूल्हे जलाने शुरू कर दिए। जलस्तर लगातार बढ़ने से फिलहाल राहत के आसार नजर न आने से प्रभावित इलाकों में हड़कंप मच गया है।
बख्शीबांध-नागवासुकि से रामघाट जाने वाली सड़क पर शनिवार को नाव चलने लगी। पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। दशाश्वमेध मंदिर की पांच सीढ़ियां डूब गईं। संकट मोचन मंदिर में पानी आने के बाद मोती महल के पास बड़ा गणेश के दरबार में भी गंगा प्रवेश कर गई। इस तटीय इलाकेसे सैकड़ों परिवारों को गृहस्थी समेट कर परेड मैदान में अस्थाई ठिकाना बनाना पड़ा है। पानी लगातार बढ़ता जा रहा है और लोग ट्रालियों -ठेलों के अलावा अन्य वाहनों से सामान दूसरी जगहों पर पहुंचाने में पसीना बहा रहे हैं।
तटीय बस्तियों में बाढ़ से घिरे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है। सामान हटाने, बचाने के लिए सुबह से देर रात तक मशक्कत की जाती रही। रामघाट पर पानी भरने से अंतिम संस्कार के लिए अब चिताएं विद्युत शवदाह गृह जाने वाली सड़क की पटरियों पर लगाई जाने लगी हैं। सीडीए पेंशन भवन तक पानी आने से द्रोपदी घाट से लगी बस्तियों में संकट बढ़ता जा रहा है। यहां देर शाम तक दो दर्जन से अधिक और भवनों में पानी भर गया। बेली कछार, नेवादा, सलोरी, चांदपुर, छोटा बाघाड़ा, बख्शी बांध समेत अन्य तटीय बस्तियों में बाढ़ की मुसीबत से लोगों की नींद उड़ गई है।
बाढ़ देखने के लिए भीड़, सेल्फी लेने की होड़
प्रयागराज। नागवासुकि मंदिर जाने वाली सड़क पर नाव चलने से शनिवार की दोपहर बाढ़ देखने के लिए लोगों की भीड़ पहुंचती रही। एक तरफ तटीय बस्तियों में मुसीबत बढ़ती रही, दूसरी ओर नागवासुुकि की जलमग्न सड़क पर लोगों में सेल्फी लेने की होड़ मची रही। बाढ़ के पानी के साथ सेल्फी लेने के लिए कॉलेजों के छात्र-छात्राएं और महिलाओं की की भीड़ शाम तक लगी रही।