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Update: प्रयागराज में गंगा-यमुना खतरे के निशान से 1.10 मीटर ऊपर, पांच लाख से अधिक लोग बाढ़ से घिरे, तस्वीरें

Mon, 29 Aug 2022 12:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 29 Aug 2022 12:02 AM IST
सार

रौद्र रूप धारण कर चुकी गंगा-यमुना रविवार की शाम खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बहने लगीं। बड़े हनुमान मंदिर का परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। अब हनुमान मंदिर की सिर्फ पताका ही नजर आ रही है।  गऊघाट इलाके में भी कई मकानों की पहली मंजिल डूब गई। कहीं टीवी के सिर्फ एंटीना नजर आ रहे हैं, तो कहीं छतों पर गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद में जुटे लोग।

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Ganga and Yamuna can cross the danger mark anytime, PAC NDRF Alert
Prayagraj News : खतरे के निशान के एक मीटर ऊपर बह रहीं गंगा और यमुना। - फोटो : अमर उजाला।

रौद्र रूप धारण कर चुकी गंगा-यमुना रविवार की रात खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बहने लगीं। गंगा केतटवर्ती मंदिरों, मार्गों और भवनों के ऊपर से गंगा बह रही है। बड़े हनुमान मंदिर का परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। अब हनुमान मंदिर की सिर्फ पताका ही नजर आ रही है। गंगा-यमुना के कछार में अब तक करीब पांच लाख से परिवार बाढ़ की चपेट में आ चुकेहैं। बाढ़ से घिरे घरों को छोड़कर राहत शिविरों में या फिर रिश्तेदारों के यहां शरण लेने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। 




गंगा-यमुना की बाढ़ की वजह से हर तरफ जलाप्लावन की स्थिति बन गई है। रविवार को गऊघाट इलाके में भी कई मकानों की पहली मंजिल डूब गई। कहीं टीवी के सिर्फ एंटीना नजर आ रहे हैं तो कहीं छतों पर गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद में जुटे लोग। दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां जहां जलमग्न हो गई हैं। वहीं, सैकड़ों परिवारों ने राहत शिविरों में शरण ले ली है।


बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से रात आठ बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक गंगा-यमुना एक-एक सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। इस अवधि तक फाफामऊ में गंगा 85.83 मीटर और नैनी में यमुना भी 85.83 मीटर पर बहती रहीं। इन स्थानों पर खतरे के निशान 84.73 मीटर से 1.10 मीटर ऊपर बह रही हैं। हालांकि यमुना की सहायक नदियों केन ,बेतवा और चंबल के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है।


Ganga and Yamuna can cross the danger mark anytime, PAC NDRF Alert
Prayagraj News : गंगा और यमुना तेजी से बढ़ रहा जल स्तर। - फोटो : अमर उजाला।

इससे यमुना की रफ्तार थमने के संकेत मिलने लगे हैं। लेकिन, गंगा में बैराजों से रविवार को भी पानी छोड़ा गया। हरिद्वार बैराज से 38,448 क्यूसेक, नरोरा बैराज से 28,701 क्यूसेक और कानपुर बैराज से 1,28,396 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने की सिंचाई बाढ़ खंड के अफसरों ने पुष्टि की। कहा जा रहा है कि अगर पहाड़ों पर फिर तेज बारिश नहीं हुई और जल दबाव फिर से नहीं बढ़ा तो अगले 24 घंटे में गंगा-यमुना शांत हो सकती हैं।


गंगा-यमुना की रफ्तार में लगतार कमी दर्ज की जा रही है। जिस तरह ऊपर से जल दबाव कम हो रहा है, उससे सोमवार की दोपहर तक जलस्तर स्थिर होने की उम्मीद है। - सिद्धार्थ कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई बाढ़ खंड, प्रयागराज।  
 

Ganga and Yamuna can cross the danger mark anytime, PAC NDRF Alert
Prayagraj News : खतरे के निशान के करीब पहुंचीं गंगा और यमुना। - फोटो : अमर उजाला।

गंगा-यमुना में बढ़ता जलस्तर लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। बस्तियों में बाढ़ का पानी तो बुधवार को ही घुस गया था, अब इसका दायरा लगातार फैलता जा रहा है। बृहस्पतिवार रात तक एक दर्जन से अधिक मोहल्लों के हजारों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। मुश्किल यह कि दोनों नदियों के जलस्तर में अभी तीन दिनों तक बढ़ोतरी की बात कही जा रही है।






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Ganga and Yamuna can cross the danger mark anytime, PAC NDRF Alert
Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।

खतरे का निशान 84.734 मीटर है। वहीं बृहस्पतिवार शाम को ही दोनों नदियों का जलस्तर 84 मीटर को पार कर गया था। ऐसे में कछार के निचले इलाकों की बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। छोटा बघाड़ा, नेवादा के पवन नगर, बेली कछार में सैकड़ों मकानों की पहली मंजिल के करीब पानी पहुंच गया है। इन इलाकों में झोपड़ी और टीन शेड में रहने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।

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Prayagraj News : तेजी से बढ़ रहा है गंगा यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।

 

यहां कई लोगों ने मकान की नींव तो ऊंची कराई है लेकिन वे चारों तरफ से बाढ़ से घिर गए हैं। सड़कें में भी जलमग्न हो गईं हैं। ऐसे में अपना सामान पहले मंजिल या कहीं और रखकर बड़ी संख्या में लोग पलायन करने लगे हैं। सैकड़ों परिवार गठरी में गृहस्थी बांधकर दूसरा ठौर तलाशने के लिए लोग मजबूर हैं। देर शाम तक 1500 से अधिक लोग तो राहत शिविरों में पहुंच गए थे।

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