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लॉकडाउन के चलते 500 की टेंगरा मछली बिक रही 50 रुपये किलो, फिर भी नहीं मिल रहे हैं खरीददार

Tue, 07 Apr 2020 01:09 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 07 Apr 2020 01:09 AM IST
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Due to the lockdown, 500 Tangra fish is being sold for 50 rupees, yet buyers are not available
मछली

कोरोना महामारी व लॉक डाउन ने  मत्स्य आखेटक और उसके व्यवसाय से जुड़े परिवारों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है। क्षेत्र के बादपुर, मेहवा कलां, डेंगुरपुर, उमापुर, नरवर चौकठा, ओनौर, जेरा, बिझौली, टेला, किहुनी, परवा, भभौरा, मदरा, दशरथपुर, बारा, छतवा, पकरी, बढौली, तनरिया, रैपुरा, चंदापुर, दु:खी का पूरा, सिरसा, टेला आदि गांव गंगा नदी के किनारे पर बसे हुए है। इन गांवों में रहने वाले हजारों मछुआरा परिवारों का मुख्यकार्य मत्स्य आखेटक करना लॉक डाउन की भेंट चढ़ चुका है।

Due to the lockdown, 500 Tangra fish is being sold for 50 rupees, yet buyers are not available
मछलियां। - फोटो : अमर उजाला

व्यवसाय से जुड़े महेवा कलां गांव के हीरालाल निषाद, डेंगुरपुर के संतलाल निषाद, बादपुर के दिनेश निषाद, लौधर माझी, छतवा के रामआसरे, पवन, ओनौर, राधेश्याम निषाद, धारा माझी ने बताया की बरसात व ठंढ के दिनों में मत्स्य आखेटक से जुड़े मछुआरों को नमक तेल का खर्च निकलना भी भारी पड़ता है। गर्मी के तीन महीने गंगा नदी में मछली अधिक मात्रा में पाई जाती है। जिसके चलते प्रत्येक मछुआरा प्रतिदिन लगभग एक हजार रुपये की मछली पकड़ लेता है।

Due to the lockdown, 500 Tangra fish is being sold for 50 rupees, yet buyers are not available
मछली - फोटो : bollywoodtadka

इसी समय मछुआरा पूरे वर्ष के लिए विवाह-शादी व छोटे-बड़े काम और बिगड़े दिन के लिए धन इकट्ठा कर लेता है। वहीं मतस्य पालन व आखेटक इकाई मांडा के अध्यक्ष बीर बहादुर निषाद व मंत्री छब्बू निषाद ने बातया की क्षेत्र में पकड़ी गई मछली जौनपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, रुद्रपुर और बिहार स्थित मुजफ्फरपुर के बड़ी मंडी तक भेजी जाती है। लेकिन लॉक डाउन के चलते सभी मंडी के व्यवसाई माल खरीदने से मना कर चुके है। जिसके चलते टेंगरा प्रजाति की मछली जो सामान्य दिनों में 500 रुपये प्रति किलो बिकती थी उसे 50 रुपये में खरीदार नही ले रहे हैं।

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Due to the lockdown, 500 Tangra fish is being sold for 50 rupees, yet buyers are not available
fish
इसी तरह सूती मछली 400 रुपये की जगह 30 में, गेगार 200 से 40 में, बैकरी 200 से 30 में, चाइना, चेलहवा, फुलिया, पहिना आदि मछली फ्री में भी कोई खरीदने वाला नहीं है। जिससे मछुआरा परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच चुका है।
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