परीक्षाओं के दिनों मेें भी शहरी बोर्ड इम्तहान दे रहे छात्र-छात्राओं को लेकर संवेदनशील नहीं हैं। यूपी 112 पर जिले से लगातार पहुंच रही शिकायतेें इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। डीजे साउंड या अन्य तरह के शोर से परीक्षा की तैयारियों में व्यवधान के मामले की महज तीन दिनों में ही 97 शिकायतें यूपी 112 पर दर्ज की गईं।
कानफोडू शोर से तैयारियों में व्यवधान, परीक्षार्थी परेशान, जानिए किस शहर से आईं कितनी शिकायतें
बोर्ड परीक्षा के दौरान अक्सर परीक्षार्थी आसपास होने वाले शोरगुल से परेशान होते हैं। शादी समारोह या अन्य कार्यक्रमों में तेज धुन पर बजने वाले गीत-संगीत के चलते परीक्षा की तैयारियों में व्यवधान होता है। इसे ही देखते हुए इस बार उप्र पुलिस की ओर से छात्र-छात्राओं को राहत पहुंचाने के लिए एक कदम उठाया गया।
इसके तहत व्यवस्था की गई कि शोरगुल से परीक्षा की तैयारी में व्यवधान पर परीक्षार्थी यूपी 112 पर शिकायत कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर पुलिस रिस्पांस वेहिकल(पीआरवी) के जवान पहुंचेंगे और संबंधित व्यक्ति को चेतावनी देंगे। इस पर भी शोर बंद नहीं हुआ तो उनके खिलाफ स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई की जाएगी।
आंकड़ों की मानें तो यह सेवा परीक्षार्थियों को रास भी आई और यही वजह है कि इस संबंध में परीक्षा से पहले ही शिकायतों का पहुंचना शुरू हो गया। यूपी 112 से मिले आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ तीन दिनों में ही प्रदेश भर से इस संबंध में हजारों शिकायतें यूपी 112 मुख्यालय पर पहुंचीं।
कुल 2198 शिकायतें, लखनऊ में सबसे ज्यादा
यूपी 112 के आकंड़ों के मुताबिक 15 से 17 फरवरी के बीच प्रदेश के 74 जिलों से कुल 2198 शिकायतें आईं। इनमें से सबसे ज्यादा लखनऊ से रहीं। प्रयागराज छठें नंबर पर रहा जबकि दूसरे व तीसरे स्थान पर क्रमश: गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर रहे।
लखनऊ- 294
गाजियाबाद- 161
गौतमबुद्धनगर- 144
कानपुर- 135
मेरठ- 130
प्रयागराज- 97
आगरा- 92
वाराणसी- 79
बरेली- 70
अलीगढ़- 59
ध्वनि प्रदूषण के मानक स्तर(डेसिबल में)
दिन रात
औद्योगिक 75 70
व्यावसायिक 65 55
आवासीय 55 45
शांत 50 40