29 फरवरी को शहर के परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांग एवं वृद्धजनों को उपकरण देने के लिए तैयार की गई सूची में कई खामी पकड़ में आई है। कई दिव्यांग या वृद्धजनों का काफी पहले निधन हो चुका है फिर भी उनका नाम सूची में दर्ज था। हालाकि ऐन वक्त पर जानकारी होने पर खंड विकास अधिकारी मेजा चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव ने गंभीरता दिखाते हुए उनका नाम सूची से हटा दिया और इसकी जानकारी भी आला अफसरों को दे दी।
बता दें कि दो रोज पहले मेजा तहसील से 3091 दिव्यांग एवं वृद्दजनों की सूची सीडीओ को प्रेषित की गई थी। 3091 दिव्यांग एवं वृद्दजनों को बस से शहर के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में ले चलने की तैयारी की गई थी। लेकिन बुधवार को उक्त सूची में कई खामी पकड़ में आ गई। मेजा के खंड विकास अधिकारी चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि तैयार की गई सूची में मेजा ब्लॉक के अलग-अलग गांवों से एक दर्जन दिव्यांगों के नाम ऐसे अंकित थे जिनकी काफी पहले मौत हो चुकी है।
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उनका नाम तत्काल सूची से हटाया गया है। मेजा के एडीओ समाज कल्याण कमलेश मिश्रा ने बताया कि यह मामला तब पकड़ में आया जब आमंत्रण पत्र लेकर कर्मचारी मृतक दिव्यांगों के घर पहुंचे। हालाकि मामला सुधार लिया गया है।
मेजा एसडीएम रेनू सिंह ने बताया कि दिव्यांग एवं वृद्दजनों को परेड ग्राउंड तक ले चलने के लिए मेजा तहसील में कुल 184 बसों की व्यवस्था की गई है। मेजा तहसील के अलग-अलग तीन स्थानों पर कैंप बनाया गया है। जहां से 29 फरवरी की सुबह छह बजे दिव्यांगों को लेकर बसें रवाना होंगी। इसकी जिम्मेदारी वाहन प्रभारियों को सौंपी गई है। इस कार्य के लिए लेखपाल, अमीन, ट्यूबवेल आपरेटर, सफाई कर्मी और रोजगार सेवकों को लगाया गया है।