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प्रयागराज : खाद मांगने पहुंचे किसान से एडीओ ने पकड़वाए पैर, मंगवाई माफी

Thu, 11 Nov 2021 11:41 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 11 Nov 2021 11:41 PM IST
सार

गंगापार के मऊआइमा में अन्नदाता किसानों को अधिकारियों के द्वारा अपमानित करने का मामला सामने आया है। खेत में बर्बाद हो रही फसल को बचाने के लिए किसान जब समितियों पर खाद लेने पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला। किसानों ने जब दबाव बनाने के लिए हंगामा शुरू किया तो अधिकारियों ने उन्हें बैठा लिया और पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने का भय दिखाया और उनसे पैर पकड़कर माफी मांगने के लिए मजबूर कर दिया। 

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ado cooperative caught his feet by intimidating the police to the farmers who were making a ruckus for fertilizer in Prayagraj
Prayagraj News : मऊआइमा के मोहम्मदपुर सरांय अली में एडीओ कोआपारेटिव एवं किसान के बीच होती नोकझोक। - फोटो : प्रयागराज

मऊआइमा ब्लॉक के मोहम्मदपुर सरायअली स्थित साधन सहकारी समिति में बुधवार को डीएपी लेने के लिए जुटे किसोनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान एडीओ कोऑपरेटिव कंचन सिंह ने प्रदर्शन कर रहे एक किसान से अपना पैर पकड़वाया। एडीओ ने पुलिस का धौंस दिखाकर किसान को माफी मांगने पर मजबूर भी किया। इस घटना के बाद किसानों ने भारी हंगामा किया। पुलिस बुलाकर वहां से किसानों को हटाना पड़ा।



किसान बुधवार को साधन सहकारी समिति में बड़ी संख्या में जुटे थे। इस दौरान कुछ किसानों ने इस बात पर हंगामा मचा दिया कि साधन सहकारी समिति सचिव अधिक पैसा ले रहे हैं। हंगामा बढ़ा तो वहां पुलिस पहुंच गई। किसान बसंत लाल निवासी मगनपुर प्रदर्शन करने में आगे थे। इस बीच एडीओ कंचन सिंह वहां पहुंची और बसंत लाल को अपने पास बुला लिया। एडीओ ने बसंत लाल को माफी मांगने पर मजबूर किया।

धमकी दी कि अगर उसने पैर पकड़कर माफी नहीं मांगी तो उसे तुरंत जेल भेज दिया जाएगा। जेल के नाम से किसान डर गया। उसे मजबूरन एडीओ का पैर पकड़कर माफी मांगनी पड़ी। हालांकि इस घटना से किसान आक्रोशित हो गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। किसानों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश था। किसानों में राम आसरे, राम अभिलाष, संतोष पटेल, अमर नाथ, सुभाष चंद्र, राम पाल, जगरूप, नंद लाल, रविंद्र पटेल, बीडीसी सदस्य दूधनाथ पटेल, कपिल कुमार, नंदलाल आदि ने हंगामा किया। घटना को लेकर तमाम किसान नेताओं ने आक्रोश जताया है।

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Prayagraj News : मऊआइमा के मोहम्मदपुर सरांय अली में एडीओ कोआपारेटिव एवं किसान के बीच होती नोकझोक। - फोटो : प्रयागराज

डीएपी की कालाबाजारी के खिलाफ पूर्व सांसद का हंगामा, नारेबाजी

फूलपुर में डीएपी खाद की काला बाजारी की सूचना पर बृहस्पतिवार को फूलपुर के पूर्व सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने इफको किसान सेवा केंद्र पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सपाइयों ने जमकर नारेबाजी की। सूचना पर कोतवाली प्रभारी व इफको चौकी की पुलिस पहुंची तो सपाइयों से तीखी नोकझोंक हो गई। सांसद ने समस्या न हल होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।

डीएपी खाद की कालाबाजारी की सूचना और किसानों के साथ हो रहे इस अत्याचार की जानकारी पर पूर्व सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल खाद केंद्र पर पहुंचकर किसानों से उनकी समस्या जानी तो वह दंग रह गए। इस दौरान समर्थकों संग सांसद ने हंगामा कर दिया। पुलिस पहुंची तो सांसद भी नोकझोंक हो गई। पूर्व सांसद का कहना है कि यदि किसानों की भीड़ अधिक लग रही है तो अतिरिक्त काउंटर खोलकर किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाए। एसडीएम व पुलिस ने अतिरिक्त काउंटर खोलने का आश्वासन दिया तो हंगामा समाप्त हुआ। उनके साथ जिला उपाध्यक्ष अनिल यादव, जीतलाल बिंद, रामचंद्र यादव, राजेश पटेल, कुमार मंगल रहे।

फूलपुर इलाके में स्थित साधन सहकारी समितियों पर ताले लटक रहे हैं। यहां न किसानों को खाद मिल रही है और न बीज। जबकि कृषि विभाग के अधिकारी यह बयान दे रहे हैं कि सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध है। मुंगराबादशाहपुर से खाद लेने आए किसान पन्नालाल का कहना है कि वे तीन दिनों से डीएपी के लिए आते हैं लेकिन खाद मिलने की बात तो दूर उन्हें टोकन भी नहीं मिल पा रहा है। इसी प्रकार करूआडीह के सुरेश कुमार, चमनगंज के राकेश यादव साथ ही दर्जनों किसान कई दिनों से केंद्र का चक्कर लगा रहे है लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है।

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Prayagraj News : मऊआइमा के मोहम्मदपुर सरांय अली में एडीओ कोआपारेटिव एवं किसान के बीच होती नोकझोक। - फोटो : प्रयागराज
नो स्टॉक का बोर्ड लगाकर कर रहे कालाबाजारी
नवाबगंज इलाके में डीएपी खाद को लेकर किल्लत और बढ़ गई है। उर्वरक के विक्रेता डीएपी खाद का अभाव बताकर किसानों का शोषण कर रहे हैं।  विकासखंड कौड़िहार व श्रृंगवेरपुर की साधन सहकारी समितियों समेत नवाबगंज स्थित पीसीएफ एग्रो पर खाद उपलब्ध नहीं है। जिसका हवाला देते हुए बाजार के खाद विक्रेता किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत में खाद दे रहे हैं। कौड़िहार, नवाबगंज, पटेल नगर व हथिगंहा के कई दुकानदारों नो स्टॉक का बोर्ड लगा कर गोदाम से डीएपी खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। इस बाबत कृषक रामफल पटेल ने बताया कि एक सप्ताह से सहकारी समिति व बाजार की दुकानों पर डीएपी खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। जिससे आलू की बुवाई पिछड़ रही है।

मंसूराबाद: समितियों में लटक रहे ताले
क्षेत्र के किसानों के लिए फिलहाल डीएपी की किल्लत अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही है। अविभाजित कौड़िहार विकासखंड में बारह कृषि एवं साधन सहकारी समितियां क्रियाशील रहीं हैं तो नवाबगंज में यूपी एग्रो एवं पीसीएफ की भी एक एक इकाइयां स्थापित हैं। बावजूद किसान डीएपी के लिए मारा फिर रहा है। इब्राहीमपुर के किसान बनवारी लाल कहते हैं कि साधन सहकारी समिति का सचिव ही इस्तीफा देकर चंपत है तो खाद कहां से आए।
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Kaushambi : खाद के लिए हंगामा करते किसान। - फोटो : प्रयागराज

कौशाम्बी में भी सहकारी समितियों में खाद का संकट, किसानों का प्रदर्शन

आलू, चना-मटर और गेहूं की बुआई शुरू होने के साथ ही किसानों के सामने डीएपी खाद का संकट खड़ा हो गया है। समितियों और दुकानों पर डीएपी खाद किसानों को बमुकिश्ल मिल रही है। सहकारी समितियों पर सुबह से ही किसान पहुंचने शुरू हो जाते हैं, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पाती है। खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने कौशाम्बी ब्लॉक के मकदूमपुर ढोकसहा सहकारी समिति पर प्रदर्शन किया।

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Kaushambi : खाद के लिए हंगामा करते किसान। - फोटो : Kaushambi
खाद न मिलने से बुवाई प्रभावित
जिले में इस समय रबी फसलों की बुआई जोरों पर चल रही है, लेकिन डीएपी नहीं मिल पाने से बुआई का काम प्रभावित हो गया है। चुनिंदा समितियों को छोड़ दिया जाए तो कई जगह डीएपी नहीं है। ऐसे में बिना डीएपी के किसान गेहूं, सरसों, आलू और मटर के फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे है। वहीं जिन किसानों को खाद मिल भी जा रही है, तो वह नाकाफी है। सुबह से शाम तक लाइन लगाने के बाद भी बमुश्किल एक-दो बोरी खाद मिलने से किसान परेशान हैं। कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र के मुस्तफाबाद समिति में एक महीने से डीएपी खत्म है। इसी तरह मकदूमपुर ढ़ोकसहा में भी महीने भर से डीएपी नहीं थी।

हालांकि बृहस्पतिवार की सुबह 263 बोरी डीएपी की खेप पहुंची है, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। जबकि समिति में यूरिया का स्टॉक भी खत्म है। इससे नाराज हजियापुर के बैजनाथ, कल्लू मौर्य, अशोक गौतम, पप्पू तिवारी आदि किसानों ने बृहस्पतिवार को मकदूमपुर ढोकसहा समिति पर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि सोसायटी में खाद नहीं मिलने से वह गेहूं, आलू, सरसों, चना और मटर की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। मुस्तफाबाद समिति के सचिव ईश्वरचंद्र साहू का कहना है कि कंपनी को सब्सिडी का पैसा नहीं मिल पा रहा है। इसलिए कंपनी खाद नहीं भेज रही है। बृहस्पतिवार को सुबह 25 टन यूरिया आई है। शुक्रवार से किसानों में यूरिया का वितरण किया जाएगा। डीएपी कब आएगी, इसकी जानकारी नहीं है। 

ओवररेट में दी जा रही खाद
कस्बे में दो सहकारी समितियां संचालित हैं। इन दोनों समितियों में अलग-अलग खाद विक्रय करने के नियम बने हुए हैं। मेहता रोड स्थित किसान सहकारी सेवा समिति में 37 गांव के किसान खाद क्रय करते है। वहीं नया बाजार भरवारी के क्रय विक्रय सहकारी समिति में डीएपी 1200 के बजाय किसानों से 1210 रुपये वसूले जा रहे हैं। सिंघिया निवासी किसान रामबाबू ने बताया कि प्रति बोरी 10 रुपये अधिक लिए जा रहे हैं। बिदनपुर से आए किसान हरिओम पांडेय ने बताया कि दिनभर समिति में लाइन में लगे रहने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल सकी। मसीपुर निवासी किसान अजय ने बताया कि समिति में सचिव उपस्थित नहीं हैं। उनके स्थान पर अन्य व्यक्ति खाद का वितरण कर रहा है। सचिव उमा शंकर यादव ने किसानों से अधिक मूल्य वसूलने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

पांच दिनों से नहीं है खाद
इलाके के कूरा स्थित पीसीएफ केंद्र में पिछले पांच दिनों से खाद नहीं है। ऐसे में इलाके के किसानों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह होते ही किसान केंद्र तो पहुंच जाते हैं, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि खाद नहीं है तो मायूस होकर वापस लौट जाते हैं। सचिव अशोक कुमार का कहना है कि खाद के लिए हर रोज उच्चाधिकारियों से बात की जाती है। 
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