शहरियों में कोरोना वायरस का खौफ सिर पर चढ़ा है। वहीं स्वास्थ्य महकमा एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरत रहा है। बृहस्पतिवार को बम्हरौली एयरपोर्ट पर दिल्ली समेत देश के सात शहरों के रास्ते यहां आने वाले विमान यात्रियों की जांच कर उन्हें जागरूक किया गया। जांच के दायरे में चीन समेत 12 अन्य देशों के सफर से आने वाले विमान यात्रियों को रखा गया है। रैपिड रिस्पांस टीमों ने यात्रियों को मास्क भी दिए। इससे पहले चीन से आए करीब 45 यात्रियों की एक बार फिर निगरानी शुरू हो गई है। अगले 14 दिन तक ऐसे लोगों का परीक्षण किया जाएगा।
प्रयागराज में कोरोना वायरस का खौफ, सतर्कता बढ़ी
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शहर में दिन भर मास्क खरीदने की होड़ मची रही। थोक दवा विक्रेताओं की मानें तो दिन भर में एक हजार से अधिक लोग मास्क खरीदने पहुंचे। हालांकि लगभग सभी लोगों को मायूसी का सामना करना पड़ा। बालसन, अस्पतालों के सामने और नर्सिंग होमों के मेडिकल स्टोरों पर लोग मास्क खरीदने पहुंचे। मास्क खरीदने की होड़ इस कदर रही कि लोगों ने सस्ता वाला हल्का सर्जिकल मास्क 25 से तीस रुपये में खरीदा। यही नहीं जिन मेडिकल स्टोरों पर थ्री लेयर या एन-95 मास्क मिले, उनकी मनमानी कीमत वसूली गई।
बम्हरौली एयरपोर्ट जांच और जागरूकता
शासन स्तर से हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग से पहले सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी और एडीएम सिटी अशोक कुमार की अगुवाई में रैपिड रिस्पांस टीमों ने जागरूकता अभियान चलाया। बम्हरौली एयरपोर्ट पर विमान यात्रियों की जांच कर उन्हें बचाव के टिप्स दिए गए। सावधानी बरतने की सलाह वाले पर्चे भी बांटे गए। सीएमओ के मुताबिक चीन के साथ थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, ईरान, इटली, जापान, कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, नेपाल के रास्त देश में आने वाले यात्रियों और उनके संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में संक्रमण की संभावना जताई गई है। इसलिए यहां पहुंचे विमान यात्रियों की जांच की जा रही है। इसके लिए नोडल अधिकारी डॉ. गणेश प्रसाद को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। पांच रैपिड सिस्पांस टीमों का भी गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि संक्रमित लोगों के खांसने, छींकने, व उनके निकट संपर्क में आने से संक्रमण हो सकता है। इसलिए विदेश यात्रा से आए लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर जाने से मना किया जा रहा है।
नाक पर रुमाल बांधने से होगा बचाव
कोरोना का खौफ इस कदर रहा कि सड़कों पर निकले दस में चार लोग मास्क लगाए रहे। जिन्हें मास्क नहीं मिले वह गमछा लपेटे रहे। धूप और संक्रमण से बचने का यह देसी तरीका लोगों के काफी काम आया। स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के नाक, कान और गला रोग (ईएंडटी) विभाग के अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन के मुताबिक संक्रमण या प्रदूषण से बचने के लिए नाक पर रुमाल बांधने से बचाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम आम बात है, डरने की नहीं, बचाव करने की जरूरत है। वहीं मेडिकल कॉलेज के ईएंडटी विशेषज्ञ डॉ. राम सिया सिंह का कहना है कि इस मौसम में एलर्जी का होना स्वाभाविक है। विशेषज्ञ की सलाह लें, दिक्कत बढ़ने पर जांच कराएं और सावधानी बरतें।अस्पतालों के आइसोलेटेड वार्डों में सामान्य मरीजों की भर्ती रोकी
मेडिकल कॉलेज के एसआरएन, बेली और काल्विन अस्पतालों में कोरोना वार्डों में सामान्य मरीजों की भर्ती पूरी तरह रोक दी गई है। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक अभी किसी में कोरोना के लक्षण तक नहीं मिले हैं। विशेष किट से जांच की सुविधा है। विदेश यात्रा कर यहां आए लोगों को सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं आइसोलेटेड वार्ड में डॉक्टरों समेत पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।बरतें, होगा बचाव
फ्लू के लक्षण वालों से दो मीटर की दूरी रखेंपीड़ित को ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें
खांसते, छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें
खांसते-छींकते समय चेहरा सामने वाले व्यक्ति के विपरीत कर लें
उंगलियों को आंख व नाक के संपर्क से बचाएं
हाथों को आंख-नाक छूने या दूसरों से हाथ मिलाने पर जरूर धोएं
हाथों को साफ रखने के एल्कोहल वाला हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें
अत्यधिक भीड़-भाड़ के स्थानों पर जाने से परहेज करें
पौष्टिक और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें
बिना घबराए स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें