Coast Guard Saurabh Yadav: पोरबंदर में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए इंडियन कोस्टगार्ड के कमांडेंट सौरभ यादव (42) का पार्थिव शरीर मंगलवार को तिरंगे में लपेटकर प्रयागराज लाया गया। कोस्टगार्ड की नौ सदस्यीय टीम फ्लाइट से पार्थिव शरीर लेकर धूमनगंज स्थित उनके घर पहुंचीं। यहां सपूत को श्रद्धांजलि देने लोगों की भीड़ उमड़ी। सेना व एयरफोर्स के अफसर और जवान भी पहुंचे। शहीद की अंतिम यात्रा निकली तो हर आंख नम हो गई।
पार्थिव शरीर लेकर दोपहर करीब 1:30 बजे कोस्टगार्ड की टीम बमरौली एयरपोर्ट पहुंची। जिस ताबूत में पार्थिव शरीर रखकर लाया गया, उस पर तिरंगा लपेटा गया था। यहां से फूलों से सजे सेना के वाहन में रखकर दोपहर 2:15 मिनट पर पार्थिव शरीर घर लाया गया।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसरो ने दी श्रद्धांजलि
- फोटो : एयरपोर्ट प्रशासन
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
यहां सबसे पहले कोस्टगार्ड, सेना, एयरफोर्स के अफसरों और जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी। साथ ही पुष्प चक्र अर्पित किए। इसके बाद परिजनों व मौके पर बड़ी संख्या में जमा लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। दोपहर 3:30 बजे के करीब शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई। परिजनों के साथ सैन्य अफसरों व जवानों ने भी पार्थिव शरीर को कंधा दिया। यहां से दोबारा पार्थिव शरीर सैन्य वाहन में रखा गया और फिर रसूलाबाद घाट पर ले जाया गया। वहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई अंकुश ने मुखाग्नि दी। घाट पर पुलिस की ओर से भी शहीद को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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अंतिम यात्रा में पार्थिव शरीर को दिया कंधा
- फोटो : संवाद
आगे पुलिस, पीछे सेना के वाहन ने किया एस्कॉर्ट
पार्थिव शरीर बमरौली एयरपोर्ट से घर और फिर वहां से रसूलाबाद घाट ले जाने के दौरान आगे पुलिस, जबकि पीछे सेना के वाहन ने एस्कॉर्ट किया। इस दौरान कोस्टगार्ड, सेना व एयरफोर्स के जवान-अफसर रास्ते भर भारत माता के जयकारे लगाते रहे। एक खास बात यह रही कि अंतिम यात्रा पर निकले शहर के सपूत को राहगीरों ने भी श्रद्धांजलि दी। शहीद का पार्थिव शरीर लेकर सैन्य वाहन जहां-जहां से गुजरा, रास्तों के किनारे खड़े लोगों ने सिर झुकाकर उन्हें सलामी दी।
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सौरभ यादव को श्रद्धांजलि देते हुए लोग
- फोटो : संवाद
मेयर पहुंचे पर नहीं आए विधायक, अफसर
शहीद को सलामी देने स्थानीय लोगों व रिश्तेदारों के अलावा मेयर गणेश केशरवानी भी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि कमांडेंट सौरभ ने देश की सेवा करते हुए अपना बलिदान दिया, जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। चौंकाने वाली बात यह रही कि मेयर के अलावा कोई विधायक, अफसर वहां नहीं पहुंचा।
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सौरभ यादव के पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर दुखी परिजन
- फोटो : संवाद
बोले थे, जल्द आऊंगा
मामा गजेंद्र यादव ने बताया कि सौरभ आखिरी बार नवंबर में घर आए थे। भाई की शादी में शामिल होने के लिए वह पहुंचे थे। दो दिसंबर को वापस गए। जाते वक्त कहा था कि जल्द ही फिर आऊंगा लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शहीद को श्रद्धांजलि देने उनके कौशाम्बी के अलीगंज, कोखराज स्थित पैतृक गांव से भी रिश्तेदार व बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पहुंचे।