कैंडल लाइट, क्रिसमस ट्री और कैरल सिंगिंग के बीच शनिवार की रात मसीही समुदाय के परम पिता परमेश्वर यीशु की झांकियों के दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। क्रिसमस की खुशियों के आगे कोरोना कर्फ्यू की परवाह किए बगैर लोग क्रिसमस की खुशियां बांटने के लिए निकले। ऑल सेंट्स चर्च के गेट और चहारदीवारी के चारों तरफ रेला उमड़ने की वजह से बैरिकेडिंग लगाकर रास्तों पर वाहनों का आवागमन बंद करना पड़ा। यीशु दरबार से लेकर बिशप हाउस और गिरजाघरों तक देर रात तक हर वर्ग, समुदाय के लोगों का तांता लगा रहा।
क्रिसमस डे : नाइट कर्फ्यू की बंदिशें टूटी, यीशु के दर्शन को उमड़ा जन सैलाब
गोशालाओं की भव्य झांकियों के बीच शनिवार को मानवता और कल्याण के लिए धरा पर प्रभु यीशु के आगमन की हर तरफ खुशियां छा गईं। सीएनआई के लखनऊ डायोसेशन और रोमन कैथॉलिक के बिशप हाउस सेंट जोसेफ सेमिनरी में प्रभु यीशु मसीह के जन्म पर शनिवार की सुबह विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं।
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बिशप ने मानवता,प्रेम और शांति का संदेश दिया। इस दौरान गिरजाघरों में कोरोना से मुक्ति के लिए भी प्रार्थना की गई। इसके बाद गिरजाघरों में यीशु के बाल रूप की झांकियां खोल दी गईं। इसके बाद नैनी के यीशु दरबार से लेकर बिशप हाउस तक बच्चों, महिलाओं की भीड़ लग गई। सांझ ढलतेे ही पत्थर गिरजाघर जाने वाले रास्तों पर जन सैलाब उमड़ने लगा। भीड़ को देखते हुए हाईकोर्ट चौराहा, नवाब युसूफ रोड और सुभाष चौराहे की ओर से पत्थर गिरजाघर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई।
पत्थर गिरजाघर के द्वार पर ताला लगा रहा, लेकिन लोग मेन गेट से लेकर चहारदीवारी तक कैंडिल जलाकर प्रभु यीशु के जन्म की खुशियां साझा करते रहे। फायर चौराहा स्थित सेंट पॉल चर्च में पुरोहित सैमुएल पॉल ने प्रार्थना कराई। जबकि, म्योराबाद स्थित सेंट पीटर चर्च में पादरी प्रवीण मैसी और होली ट्रिनिटी चर्च कटरा में पादरी मनीष जैदी ने बाइबिल पाठ के बाज सामूहिक प्रार्थना कराई।
सेंट जोसेफ कैथड्रल चर्च में इस बार कोविड-19 की गाइड लाइन के तहत भीड़ से बचने के लिए क्रिसमस मेला नहीं लगाया गया। प्रभु यीशु की झांकियों के दर्शन के लिए जन सैलाब उड़ पड़ा। सेंट जोसेफ चर्च में नाजरेथ अस्पताल के निदेशक लुइस मस्करेनस ने प्रभु यीशु केजन्मोत्सव पर प्रेम, दया, मानवता और जीवन के प्रकाश का संदेश दिया। इसके बाद बालक यीशु के आशीष से सबको नवाजा गया। इस मौके पर पल्ली पुरोहित हेरॉल्ड टारो, स्टीवन मनोज, मौजूद थे।
गरीबों की झोपड़ियों में खुशियां लेकर आया सेंटा क्लाज
संगम क्षेत्र की गरीबों की झोपड़ियों से लेकर शहर की चौड़ी सड़कों तक युवा समाजसेवी पंकज रिजवानी शनिवार को सेंटा क्लाज बनकर खुशियां बांटने निकले तो बच्चों से लेकर बड़ों तक का उत्साह देखते बना। उन्होंने संगम किनारे रहने वाले गरीब बच्चों के अलावा कमला नेहरू हॉस्पिटल के जवाहर वार्ड के कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए चिप्स, केक, टॉफी,पेंसिल, कॉपी, पारले-जी बिस्किट, ग्लूकोज, फल का वितरण किया। इस दौरान सेंटा क्लाज के हाथों उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल गए। उन्होंने भारद्वाज पार्क परिसर में भी क्रिसमस पर बच्चों को चॉकलेट बांटे। इस दौरान सेंटा क्लास के साथ सेल्फी लेने की लोगों में होड़ मची रही।
क्रिया योग साधना से यीशु मसीह की तरह अमरता हासिल करना संभव: योगी सत्यम
क्रिसमस पर्व पर शनिवार की शाम क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान में दुनिया के कई देशों के अनुयायियों की मौजूदगी में प्रभु यीशु के प्रेम-दया का संदेश दिया गया। आश्रम के संस्थापक स्वामी योगी सत्यम ने क्रियायोग अभ्यास के उपरांत साधकों को वैज्ञानिक तरीके से यीशु के जन्म पर जीव और ब्रह्म के बीच की दूरी मिटाने का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि कि मनुष्य जब सत्य की अनुभूति कर लेता है, तब उसके और परमात्मा के बीच में दूरी शून्य हो जाती है। योगी सत्यम ने बताया कि अमरता के विज्ञान को सिद्ध करने के लिए ईसा मसीह सूली पर चढ़ गए और मृत शरीर को पुनर्जीवित करने के उपरान्त स्वयं को अदृश्य कर स्वर्ग में प्रवेश कर गए। इसका आशय है कि हमारे और प्रभु के बीच दूरी नहीं है। इस मौके पर अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, ब्राजील समेत कई देशों से साधक उपस्थित थे।