हल्दी-अक्षत और रोली की रंगोली से सजी वेदियों पर कलश स्थापना, अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन और मां दुर्गा के आह्वान के साथ शनिवार को आदि जगदंबा की आराधना का नौ दिवसीय वासंतिक नवरात्र आरंभ हो गया। कहीं मंगल कामना के लिए दुर्गा शप्तसती के सस्वर पाठ आरंभ हुए तो कहीं सुख-समृद्धि और शांति के लिए अनुष्ठान।
चैत्र नवरात्र 2022 : नवरात्रि में देवीमय हुई संगमनगरी, घर-घर कलश स्थापना, देवी मंदिरों में उम़ड़ी भारी भीड़
चैत्र की प्रतिपदा तिथि पर पौ फटने के साथ ही शनिवार को वासंतिक नवरात्रि के अनुष्ठान आरंभ हो गए। अधिकतर सनातनी परिवारों में कलश स्थापना होने की वजह से कई पुरोहितों को तीन से चार यजमानों के यहां मां दुर्गा का आह्वान कराना पड़ा।
कोरोना महामारी में पुत्र और पति की जान बचने की खुशी में इस बार लूकरगंज की श्रद्धा शुक्ला ने कलश स्थापना की। इसी तरह अशोक नगर की शिक्षिका अर्पणा गुप्ता ने भी महामारी का संकट टलने पर कलश स्थापन किया। मीरापुर के वैदिक आचार्य पं. ओम पांडेय ने इस दोनों की स्थानों पर कलश स्थापना कराई। इसी तरह दारागंज के पं. वैभव मिश्रा भी दिन भर कलश स्थापना में व्यस्त रहे।
वैभव के मुताबिक दो साल से लगातार कोविड प्रोटोकॉल के प्रतिबंधों का सामना कर रहे देवी के भक्तों में इस बार अधिक उत्साह है। यही वजह है कि इस बार पुरोहित ढूंढे नहीं मिल रहे थे। भय बाधा से मुक्ति के लिए नवरात्र के अनुष्ठानों की इस बार होड़ मची रही। सुबह ही फूलों, रंगोलियों और तरह-तरह के हल्दी-चंदन के स्वास्तिक और ऊं के प्रतीकों से सजी वेदियों पर कलश स्थापना आरंभ हुई।
गंगा की रेत से तैयार वेदियों पर मंगल कामना के जौ उगाए गए। इसी के साथ कलश में गंगा का जल, चांदी-तांबे का सिक्का और सुपारी के रूप में मां दुर्गा का आह्वान किया गया। कलश के ऊपर नारियल सजाए गए। मां को लाल चुनरी और तरह-तरह का भोग अर्पित किया गया। इसी के साथ अखंड दीप जलाकर नौ दिवसीय व्रत, अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई।
नवरात्र पर रेलवे परोस रहा सात्विक भोजन
नवरात्र के अवसर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने यात्रियों को सात्विक भोजन का उपहार दिया है। इसके तहत व्रत रखने वाले यात्री 1323 पर कॉल करके या आईआरसीटीसी की वेबसाइट के माध्यम से शुद्ध और सात्विक आहार की बुकिंग कर सकते हैं।
नवरात्र के पहले दिन से ही आईआरसीटीसी ने यात्रियों को शुद्ध फलाहार भोजन की सुविधा उपलब्ध करवानी शुरू कर दी है। हालांकि पहले दिन 1323 नंबर के काम न करने की वजह से आईआरसीटीसी की वेबसाइट के माध्यम से ही लोगों ने बुकिंग करवाई। इस सेवा के तहत प्रयागराज जंक्शन पर नीलम फूड में पहले दिन लस्सी और खीर ही व्रत वालों के लिए उपलब्ध रही।
बताया जा रहा है कि नवरात्र के मौके पर साबूदाना टिक्की, आलू चाप, साबूदाना खिचड़ी, नवरात्रि थाली, सिंघाड़ा आलू पराठा, पनीर मखमली, कोफ्ता करी, दही आदि भी यात्रियों को उपलब्ध करवाई जाएगी। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत सिन्हा ने बताया कि ई कैटरिंग वाले स्टेशनों पर ही यह सुविधा यात्रियों को मिलेगी। इन सभी आइटम की शुरूआत 99 रुपये से होगी।
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन श्रृंगवेरपुर में भक्तों ने किया गंगा स्नान व शांता देवी व सिंगी ऋषि की पूजन
नवरात्र के पहले दिन लोगों ने विधि.विधान से मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना किया। पर्व को लेकर सुबह से ही भक्तों में भारी उत्साह रहा। धाम स्थित गंगा तट पर पहुंचे सैकड़ों स्नानार्थियों ने मां भगवती की अविरल धारा में उनकी दुख की लगाया। लोगों ने एक दूसरे को चैत्र नवरात्र के साथ ही नववर्ष की शुभकामनाएं दिया।
भक्तों ने गंगा स्नान कर घरों में कलश स्थापना किया?। नवरात्र के पहले दिन के व्रत के साथ नवरात्र का शुभारंभ हुआ। देवी मंदिरों में सुबह मां का अद्भुत श्रृंगार किया गया। मंत्रोच्चारए पूजन अर्चन के साथ मां की आरती उतारी गई। पौराणिक मान्यता है कि शैलपुत्री की आराधना करने से भक्तों के मान सम्मान में वृद्धि होती है। साथ ही मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
मंदिरों में हुआ भजन कीर्तन
क्षेत्र में सबसे प्रसिद्ध प्राचीन काली मंदिर श्रृंगवेरपुर धाम में सुबह मां के आकर्षक शृंगार के बाद आरती के साथ ही भजन कीर्तन का कार्यक्रम शुरू किया गया। भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी व प्रसाद चढ़ाया। क्षेत्र के अन्य सभी मंदिरों में नवरात्र के प्रारंभ होते ही पूजा अर्चना व भजन कीर्तन के साथ भक्तिमय कार्यक्रम के आयोजन किये जा रहे हैं। श्री तुलसी साहित्य प्रचार समिति उपाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने तुलसी छाया दुर्गा मंदिर श्रृंगवेरपुर में कलश स्थापना और आरती करके समाज कल्याण की प्रार्थना किया। चैत्र नवरात पर्व को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र भ्रमण करते दिखे।