महाकुंभ में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भरकम भीड़ को देखते हुए महाकुंभ प्राधिकरण ने बुधवार को पड़ रहे मौनी अमावस्या को लेकर एक एडवाइजरी जारी है। एडवाइजरी में साफ तौर पर बताया गया है कि श्रद्धालु संगम घाट तक पहुंचने के लिए निर्धारित लेन का इस्तेमाल करें। इसी तरह वापसी वाली लेन से ही बाहर निकलें। बेवजह अधिक देर तक घाटों पर न रूकें।
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मौनी अमावस्या से पहले सुरक्षा के मद्देनजर महाकुंभ के सभी 30 पांटून पुल किए गए बंद।
- फोटो : अमर उजाला।
किए गए हैं व्यापक इंतजाम
एडवाइजरी में कहा गया है कि लाखों तीर्थयात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए सभी श्रद्धालुओं के लिए सुचारू और सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मेला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन उपायों को मजबूत किया है। मेला पुलिस, यातायात अधिकारी और विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित समर्पित टीमें किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगी।
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महाकुंभ में श्रद्धालु
- फोटो : मेला प्राधिकरण
पुलिस ने मांगा सहयोग
महाकुंभ नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने जन सहयोग की अपील करते हुए कहा कि महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान, विशेषकर मौनी अमावस्या के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। हम श्रद्धालुओं से पुलिस के साथ सहयोग करने, सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने का आग्रह करते हैं।
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महाकुंभ स्नान
- फोटो : सोशल मीडिया
स्नान कर घाट पर देर तक न रूकें
प्राधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपनी सुरक्षा और सुविधा के लिए भीड़ प्रबंधन दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे संगम घाट तक पहुंचने के लिए निर्धारित लेन का उपयोग करें, स्नान क्षेत्र में पहुंचते समय अपनी लेन में ही रहें और पवित्र स्नान करने के बाद घाटों पर देर तक न रुकें। उन्हें आवागमन के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पार्किंग क्षेत्रों या अपने गंतव्यों के लिए तुरंत निकलने के लिए कहा है।
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महाकुंभ मेला क्षेत्र में पांटून पुल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
- फोटो : संवाद
बैरिकेड्स और पंटून पुलों पर धैर्य बनाए रखें श्रद्धालु
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बैरिकेड्स और पंटून पुलों पर धैर्य बनाए रखें। जल्दबाजी या धक्का-मुक्की से बचें, क्योंकि इससे दुर्घटना हो सकती है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करने वाले भक्तों को क्षेत्र में स्थापित सेक्टर अस्पतालों में जाने की सलाह दी गई है।