इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए शुरू हुई ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया इविवि प्रशासन ने अगले आदेश तक स्थगित कर दी है। कोराना वायरस संक्रमण के मद्देनजर इविवि प्रशासन को दो दिनों के भीतर ही अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। छात्र भी लगातार मांग कर रहे थे कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए।
इविवि और संघटक कॉलेज में प्रवेश के लिए 25 मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। आवेदन के पहले ही दिन छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू किए जाने से ज्यादातर छात्र आवेदन से वंचित हो जाएंगे।
इविवि एवं संघटक कॉलेजों में आवेदन करने वाले अधिकतर छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि के होते हैं और वे ऑनलाइन आवेदन के लिए साइबर कैफे पर निर्भर होते हैं। इविवि प्रशासन ने आवेदन की अंतिम तिथि 25 अप्रैल निर्धारित की थी। छात्रों का कहना था कि 14 अप्रैल तक लॉकडाउन रहेगा और इसके बाद आवेदन दस दिन का ही वक्त मिलेगा।
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कॉलेजों को अब तक यह पता नहीं है कि रूसा डिग्री कोर्सों में विद्यार्थियों को कब से प्रवेश मिलेगा।
हालांकि, आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद 26 मार्च की शाम तक 2963 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया था और इनमें से 383 अभ्यर्थियों ने आवेदन जमा भी कर चुके थे। इस बीच प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों का विरोध भी लगातार बढ़ता जा रहा था। बड़ी संख्या में छात्रों के आवेदन से वंचित हो जाने की आशंका जताई जा रही थी।
शुक्रवार को इविवि प्रशासन की ओर से प्रवेश प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। इविवि प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार की ओर से जारी नई एडवायजरी के मद्देनजर अगले आदेश तक प्रवेश प्रक्रिया स्थगित की गई है।