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रेती पर पहुंचे एक चौथाई कल्पवासी, सजने लगे शिविर

Thu, 09 Jan 2020 01:39 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 Jan 2020 01:39 AM IST
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A quarter Kalpavasi reached the sandbar, started decorating camp
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर पहली डुबकी के साथ माह भर का माघ मेला आरंभ हो जाएगा। ऐसे में शिविर की तैयारियों और जरूरत की चीजें जुटाने तथा जाम सहित दूसरी तमाम तरह की दिक्कतों से बचने के लिए कल्पवासियों का मेले में आने का सिलसिला बुधवार को भी देर शाम तक जारी रहा। बृहस्पतिवार की शाम तक सभी कल्पवासी आ जाएंगे। तीर्थपुरोहितों के मुताबिक अब तक तकरीबन एक चौर्थाई कल्पवासी  मेले में पहुंच चुके हैं। सामान के साथ घर से तुलसी का बिरवा भी लाया गया है, जो शिविर के बाहर रोपा जाएगा।

A quarter Kalpavasi reached the sandbar, started decorating camp
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

हालांकि मौसम और अव्यवस्था से कल्पवासियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। कल्पवास को काली मार्ग पर शिविर लगाए करछना के राधामंगल दुबे और संगम लोअर मार्ग पर बाबा जानकी दास बोले, अबकी शौचालयों की संख्या कम कर दी गई है, इसी तरह पानी के प्वाइंट भी आधे कर दिए गए हैं। जिन्हें पांच नल दिए गए हैं, उनके यहां मिन्नत के बाद दो ही नल लगाए गए हैं।

A quarter Kalpavasi reached the sandbar, started decorating camp
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

संगम अपर मार्ग के पीछे संगम जाने वाले मुख्य मार्ग पर शिविर लगाने पहुंची शृंग्वेरपुर स्थित जगदीश आश्रम औद्योगिक शिक्षा सेवा समिति की संचालिका गायत्री शुक्ला ने आरोप लगाया कि संस्था को बीते दो दशकों से त्रिवेणी मार्ग पर जगह मिलती रही है, लेकिन अबकी जगह बदल दी गई। जमीन के बाद सामान मिलने में दिक्कत हुए, अब खुले में बैठे हैं। इतना ही नहीं जमीन भी तकरीबन आधी कर दी गई है। यहीं पर शिविर लगाने पहुंचे भी दिगंबर अखिलेश पुरी ने भी कहा कि बीती रात जमीन मिली, मेले में चौबीस घंटे बचे हैं, शिविर अब तक नहीं लग पाया है।

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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
पहला पौष पूर्णिमा स्नान पर्व कल

माघ मेले का पहला पौष पूर्णिमा स्नान पर्व दस जनवरी को है, इस दिन देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाएंगे। नौ जनवरी को रात 1.59 बजे पूर्णिमा तिथि का संचरण आरंभ होगा। ऐसे में उदयातिथि के मुताबिक पौष पूर्णिमा का स्नान पर्व शुक्रवार, दस जनवरी को होगा। डॉ.देवी प्रसाद गौड़ प्राच्य विद्या अनुसंधान संस्थान के निदेशक और श्रीमद्भागवत के आचार्य अमिताभ जी महाराज के मुताबिक वैसे तो पूरे दिन स्नान किया जा सकता है लेकिन सूर्योदय के निकटस्थ समय सीमा में किया गया स्नान अधिक पुण्यदायी होगा। पूर्णिमा पर पूरे दिन ऐंद्र योग भी रहेगा, जिसमें डुबकी लगाने से सांसारिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
magh mela prayagraj
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