हाथरस के सिकंदराराऊ के नेशनल हाईवे स्थित गांव फुलरई मुगलगढ़ी के सहारे खेतों में आयोजित नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के समापन के बाद मची भगदड़ में करीब 121 लोगों की मौत हो गई। मंगलवार दोपहर यह हादसा उस समय हआ, जब भोले बाबा के काफिले के निकलते समय उनकी चरण धूल लेने के लिए अनुयायियों में अफरा-तफरी मच गई।
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hathras stampede
- फोटो : अमर उजाला
भगदड़ के बीच हाईवे के सहारे के कीचड़युक्त खेत में तमाम लोग गिर गए और उनके ऊपर से भीड़ गुजर गई। हादसे के बाद मची चीख पुकार के बीच अफरा-तफरी भरे माहौल में शवों व घायलों को सिकंदराराऊ के ट्रामा सेंटर और एटा के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है।
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वहीं, हाथरस के सिकंदराराऊ के निवासी 30 वर्षीय राहुल उन लोगों में शामिल हैं, जो सड़क किनारे गड्ढे में गिरने वाले श्रद्धालुओं को निकालने में मददगार रहे।
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वह बताते हैं कि महिलाओं-बच्चों के मुंह-नाक में कीचड़ भर गया था। सांसें थम गई थीं। हाथों से उनकी छाती-पीठ पर खूब दबाव दिया। दो-तीन महिलाओं के मुंह में मुंह लगाकर सांसें फूंकी, फिर भी उनकी जिंदगी न बच सकी।
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यह बताते हुए कुछ सेकंड के लिए वह कांपने लगे। पास खड़े लोगों ने कंधे पर हाथ रखकर हौसला बढ़ाया। राहुल ने बताया कि पहली बार बाबा का प्रवचन सुनने पहुंचे थे। जीटी रोड पर करीब चार सौ मीटर कानपुर की तरफ थे जब भगदड़ मची।