नशीले इंजेक्शन लगाकर नशा करने की लत यहां युवा पीढ़ी को लग गई है। घंटाघर पर जब मेडिकल स्टोर संचालक नशे का इंजेक्शन बेचते हुए पकड़ा गया तो ऐसे कई नशेबाज भी सामने आए, जिन्होंने खुद कबूल किया कि वह नशेबाजी के लिए चोरी करते हैं और फिर चोरी के रुपये से इंजेक्शन खरीदकर उसे लगाते हैं।
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अधिकारियों ने दवा दुकान को किया सील
- फोटो : amar ujala
जो दवा बीमारी से निजात दिलाती है, युवा वर्ग अब उसका इस्तेमाल नशा करने के लिए कर रहा है। मेडिकल स्टोर संचालक भी युवाओं की इस लत को जमकर भुना रहे हैं और वह अपने फायदे के लिए बिना चिकित्सकों के पर्चे के ही इन नशे के इंजेक्शनों को बेच रहे हैं। शराब, सिगरेट, गांजा के साथ युवा नशे के इंजेक्शन भी ले रहे हैं।
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बरामद की नशीली दवाइयां
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एलर्जी और दर्द से राहत देने वाली दवाएं ज्यादा मात्रा में लेने पर नशे का काम करने लगती हैं। सब अब युवाओं में यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। कम कीमत की इन दवाओं के कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचकर दवा की दुकान पर बैठे काफी दुकानदार तो नशे के रूप में मौत का सामान नई पीढ़ी को परोस रहे हैं। शहर के घंटाघर पर एक मेडिकल स्टोर पर जब छापा पड़ा तो यह बात खुद इस नशे के आदी नशेबाजों ने कही।
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अधिकारियों ने जब्त की नशीली दवाइयां
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कई बार चोरी कर खरीदा है इंजेक्शन
एक नशेबाज ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि वह इस मेडिकल स्टोर संचालक से 120 से लेकर 140 रुपये तक में इंजेक्शन खरीदता है। उसका कहना था कि इंजेक्शन खरीदने के लिए उसने कई बार तो चोरी की है। लोहा तक चुराया है। उसकी तरह ही कुछ और लोग भी इसी तरह से चोरी करते हैं। यही बात कुछ और नशेबाजों ने कही।
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बरामद की नशीली दवाइयां
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फिलहाल, इस मेडिकल स्टोर संचालक को धारा 151 में गिरफ्तार किया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। उसके विरुद्ध अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है। अन्य मुकदमे के लिए भी पत्रावली तैयारी की जा रही है।
-प्रेमप्रकाश मीणा, एसडीएम सदर