गणित की होनहार छात्रा रहीं। कभी 80 फीसदी से कम नंबर नहीं आए। पूजा शकुन पांडेय प्रोफेसर सरीखे गरिमामयी व प्रतिष्ठापूर्ण पद पर गाजियाबाद और अलीगढ़ में सेवारत रहीं, लेकिन 10 वर्ष पहले सामाजिक-धार्मिक जीवन में प्रवेश के चलते नौकरी छोड़ दी। फिर अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़ गई और महामंडलेश्वर तक बनीं।
बुधवार को पुलिस ने बाइक शोरूम स्वामी अभिषेक गुप्ता की 26 सितंबर की रात को हुई हत्या में एक शूटर को दबोचकर जो खुलासा किया, उसमें पूजा शकुन पांडेय कत्ल की सूत्रधार साबित हुई हैं।
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अभिषेक गुप्ता के साथ पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मीडिया के समक्ष एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि अभिषेक की हत्या की पूरी साजिश महामंडलेश्वर ने रची और शूटरों को तीन लाख रुपये में सुपारी भी उन्होंने ही दी। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
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अभिषेक गुप्ता के साथ पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विभिन्न आयोजनों से बटोरी सुर्खियां
अलीगढ़ आने व हिंदू महासभा से जुड़ने के बाद पूजा शकुन 2016 में सक्रिय हुईं। इसके बाद उन्होंने अपने मोहल्ले बी दास कंपाउंड परिसर में धार्मिक आयोजन करना शुरू किया। सामूहिक हवन यज्ञ, धर्म सभा, श्रीमद्भागवत कथा, गांधी के पुतले को गोली मारने, सड़कों पर जुमे की नमाज पढ़ने पर पाबंदी की मांग की। तभी से वह सुर्खियों में आ गई।
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महामंडलेश्वर पूजा शकून पिस्टल चलाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांधी के पुतले वाले कांड में पुलिस ने उन्हें जेल भी भेजा। इसके बाद खुद को धमकी देने का आरोप लगाकर व खतरा बताकर वाई श्रेणी की सुरक्षा भी मांगी, लेकिन यह मांग कभी पूरी नहीं हुई।
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पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूजा शकुन का सफर
वर्ष 2015-16 में गाजियाबाद से छोड़ी प्रोफेसर की नौकरी
वर्ष 2016 में अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़ गई थीं
वर्ष 2021 में हरिद्वार में निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर बनीं