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विश्व गौरैया दिवस: यहां आंगन से लेकर चंबल की वादियों तक चहक रही गौरैया

Sat, 20 Mar 2021 07:19 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 20 Mar 2021 07:19 AM IST
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World Sparrow Day 2021: Sparrow In Chambal And Home At Agra
पेड़ों पर गौरैया - फोटो : अमर उजाला
कीटनाशकों, पेड़ों के कटान के कारण लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई गौरैया चंबल की वादियों से लेकर कीठम के नजदीक बसे घरों के आंगन में फुदक रही हैं। गौरैया के चहकने की आवाजें चंबल के घरों में खूब सुनाई दे रही हैं। अब यहां इनका कुनबा 6 हजार से ज्यादा हो चुका है। घड़ियाल, मगरमच्छ, डॉल्फिन देखने आने सैलानियों के मन को गौरैया का कलरव भा रहा है।
World Sparrow Day 2021: Sparrow In Chambal And Home At Agra
गौरैया - फोटो : अमर उजाला
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि कच्चे घरों पर पड़ने वाले छप्पर की जगह पर पक्के घर बन गये, जिससे गौरैया के घोंसले छिन गये। फसलों में कीटनाशकों के अंधाधुंध छिड़काव, मोबाइल टावरों के रेडिएशन, पेड़ पौधों के अवैध कटान के चलते गौरैया के प्राकृतिक घरौंदे नष्ट हो गये हैं। वन विभाग चंबल के गांवों में लकड़ी से बने घरौंदे देकर ग्रामीणों को गौरैया के संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहा है। 
World Sparrow Day 2021: Sparrow In Chambal And Home At Agra
‘विश्व गौरैया दिवस’ - फोटो : demo pic
प्रजनन काल में कर रहे निगरानी
नेशनल चंबल सेंक्युरी प्रोजेक्ट के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि मार्च से जून तक होने वाले प्रजनन के सीजन में वन विभाग चंबल में  गौरैया के घोंसले की निगरानी करता है। घोंसले में गौरैया 3 से 5 अंडे देती है। एक पखवाडे़ में अंडों से चूजे निकलते हैं। सूनी हुई चंबल की वादी में अब इनका 6 हजार का कुनबा हो गया है। पेड़ों पर भी इनके घोंसले देखने वालों के लिए सुखद अनुभव है।   
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World Sparrow Day 2021: Sparrow In Chambal And Home At Agra
गौरैया चंबल की वादियों में खूब फुदकती दिख रही - फोटो : अमर उजाला
जैतपुर के स्पैरोमैन बने डॉ. बीपी मिश्र
जैतपुर के साहित्यकार डॉ. बीपी मिश्र की स्पैरोमैन की नई पहचान बनी है। इसकी वजह है उनके घर आंगन में फुदकतीं सैकड़ों गौरैया। गौरैया की चहचाहट के साथ उनकी सुबह होती है। उन्होंने बताया कि 8 साल पहले आंगन के पेड़ों पर गौरैया ने घोंसले बनाये थे। उनके लिये सुबह-शाम दाना पानी का इंतजाम किया। अब उनके परिचित भी गौरैया को दाना-पानी देकर उनका संरक्षण कर रहे हैं। 
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World Sparrow Day 2021: Sparrow In Chambal And Home At Agra
गौरैया - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण कर रहे दाना-पानी का इंतजाम
बीहड़ के गांवों में भी गौरैया को बचाने के लिये ग्रामीण अपने घर पर लकड़ी के घोंसले रखने लगे है। छत पर दाने-पानी का इंतजाम करने लगे हैं। - केएन सुधीर, एसडीओ, फतेहाबाद 
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