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जूते और एसी में मिले सांप: वाइल्डलाइफ एसओएस टीम ने 72 घंटे में किए 24 रेस्क्यू, बारिश के मौसम में बरतें सावधानी

Tue, 05 Jul 2022 04:51 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 05 Jul 2022 04:51 PM IST
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Wildlife SOS team rescued snakes hidden in shoes and air conditioner in Agra
टीम ने किया सांपों का रेस्क्यू - फोटो : Wildlife SOS

आगरा में बारिश के कारण सड़कों, कॉलोनियों और खाली जगहों पर जलभराव हो रहा है, जिससे सांप, गोह व अन्य सरीसृप जीव घरों में घुस रहे हैं। ये जीव जूते, शौचालय, कार, बाइक आदि कहीं भी छिपे हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने पिछले तीन दिनों में 24 सरीसृप जीवों का रेस्क्यू किया है। टीम ने आगरा के कालिंदी विहार में घर के शौचालय और दयालबाग के मकान के एयर कंडीशनर में छिपे सांपों को बाहर निकाला। एक सांप साइकिल के हैंडलबार पर मिला। दो बड़ी मॉनिटर लिजर्ड (गोह), इनमें एक चार फीट लंबी गोह राधा नगर बल्केश्वर में नाले से और दूसरी रामबाग में स्थित कागज के दोने बनाने वाली फैक्टरी में मिली। इसके अलावा मथुरा के गांव शहजादपुर में एक सांप जूते में छिपा पाया। इन जगहों से सांप और गोहों को सफलतापूर्वक पकड़कर वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने जंगल में छोड़ दिया। 

Wildlife SOS team rescued snakes hidden in shoes and air conditioner in Agra
सांप - फोटो : Wildlife SOS
मानसून के दस्तक देते ही वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट अलर्ट पर आ चुकी है, क्योंकि बिलों और गड्ढों में पानी भरने के साथ ही विभिन्न सरीसृप जीव शहरी क्षेत्र में आश्रय लेने के लिए जंगल से बाहर निकलते हैं। वन्यजीव संरक्षण एनजीओ की हेल्पलाइन पर लगातार सांप और गोह से जुड़ी कॉल्स आ रही हैं, जिनमें से कुछ जीव तो काफी अप्रत्याशित जगहों पर देखे गए हैं। 
Wildlife SOS team rescued snakes hidden in shoes and air conditioner in Agra
फैक्टरी में घुसी गोह - फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने पिछले 72 घंटे में कुल नौ मॉनिटर लिज़र्ड (गोह), पांच भारतीय रैट स्नेक, तीन चेकर्ड कीलबैक, तीन कोबरा, तीन इंडियन वुल्फ स्नेक, एक ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक और एक कॉमन कैट स्नेक का सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया है।
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Wildlife SOS team rescued snakes hidden in shoes and air conditioner in Agra
साइकिल के हैंडल पर लिपटा सांप - फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि बारिश के मौसम में सांपों और गोह के आश्रयों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सुरक्षित और सूखे स्थानों की तलाश में बाहर निकलते हैं। अनजाने में इमारतों और घरों में प्रवेश कर जाते हैं। इसके अलावा, मानसून मेंढकों के प्रजनन का मौसम भी है, जो सांपों के लिए एक आम शिकार है।
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Wildlife SOS team rescued snakes hidden in shoes and air conditioner in Agra
बाथरूम में घुसा सांप - फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी ने कहा कि बारिश के मौसम में सरीसृप देखे जाने की अधिकतम कॉल प्राप्त होती हैं। कभी-कभी हमारी टीम एक दिन में 6-8 सरीसृपों का रेस्क्यू करती हैं। ऐसे मामलों में लोग हमारी हेल्पलाइन पर कॉल कर सही निर्णय ले रहे हैं। 
 
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