मथुरा के वृंदावन में अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला के लिए प्रख्यात शाहजी मंदिर के वसंती कमरे की चमक को देख भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। वसंत पंचमी पर मंगलवार को इस विशेष कमरे को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। इसे देखने और अपने आराध्य के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वसंती कमरे की अलौलिक आभा देखकर श्रद्धालुओं के मुख से बरबस ये शब्द निकल पड़े, अद्भुत...अलौलिक...अद्वितीय !
2 of 5
वृंदावन: शाहजी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में टेढ़े खंभे के नाम से मशहूर शाहजी मंदिर के वसंती कमरे का खास महत्व है। साल में सिर्फ दो बार खुलने वाले इस कमरे की झलक पाने के लिए मंगलवार को भक्त ललायित दिखाई दिए। परंपरागत रूप से वसंत पंचमी को मंदिर का वसंती कमरा खोला गया। इसमें विद्युत सजावट का आकर्षण देखते ही बन रहा था।
3 of 5
वृंदावन: शाहजी मंदिर के वसंती कमरे में बिखरी आभा
- फोटो : अमर उजाला
वसंती कमरे में चमक-दमक के बीच विराजमान शाह बिहारी की आभा को देख भक्त भी आनंदित हो गए। इस दौरान ठाकुर जी के छप्पन भोग के दर्शन भी भक्तों ने किए। प्रात:काल से आरंभ हुआ वसंती कमरे के दर्शन का दौर रात नौ बजे तक चला।
4 of 5
वृंदावन: शाहजी मंदिर में की गई भव्य सजावट
- फोटो : अमर उजाला
शाहजी मंदिर की सर्पाकार आकृति की बनावट भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। मंदिर सेवायत प्रशांत शाह एडवोकेट ने बताया कि यह कमरा वर्ष में केवल दो बार दर्शकों को दर्शन के लिए खुलता है। वसंत पंचमी को इसका आकर्षण खास है।
5 of 5
शाहजी मंदिर का वसंती कमरा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
शाहजी मंदिर के व्यवस्थापक ने बताया कि मंदिर का यह विशेष कमरा वर्ष में सिर्फ दो अवसरों पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। प्रथम बार वसंत पंचमी पर दो दिन व दूसरी बार श्रावण मास में दो दिन ठाकुरजी इस विशेष कमरे में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।