फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आखिरकार 19 साल बाद निर्दोष होकर घर पहुंचा विष्णु, जेल में बनाया था आत्महत्या का मन, सिर्फ न्याय की आस में रहा जीवित

Fri, 05 Mar 2021 02:33 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा-ललितपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा-ललितपुर Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 05 Mar 2021 02:33 PM IST
विज्ञापन
Vishnu Tiwari Reach Home After Release From Central Jail 19 Year No Crime But Get Prisoner
जेल से बाहर आने के बाद विष्णु - फोटो : अमर उजाला
निर्दोष होने के बावजूद आजीवन कारावास की सजा मिलने पर जेल में बंद रहे विष्णु तिवारी ने बताया कि वह कई बार आत्महत्या का मन बना चुका था, लेकिन न्याय की आस में जीवित रहा, ताकि अपने ऊपर लगे कलंक को धो सके। आखिरकार 19 वर्ष बाद हुआ भी ऐसा ही। विधिक सेवा समिति ने विष्णु को निर्दोष साबित करवाकर जेल से बाहर लाने में मदद की।
Vishnu Tiwari Reach Home After Release From Central Jail 19 Year No Crime But Get Prisoner
केंद्रीय कारागार से रिहा होने के बाद विष्णु - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट से निर्दोष साबित होकर विष्णु बुधवार को आगरा की जेल से छूटकर अपने गांव सिलावन स्थित घर पहुंचा तो गांव के लोगों ने उसे हाथोंहाथ लेते हुए उसका सम्मान किया। समाज के स्वजातीय बंधुओं ने विष्णु के जेल जाने पर उसके परिवार को सार्वजनिक समारोहों में बुलाना बंद कर दिया था, पर आज जब विष्णु निर्दोष होकर लौटा तो सभी ने खुले दिन से उसका स्वागत किया।
Vishnu Tiwari Reach Home After Release From Central Jail 19 Year No Crime But Get Prisoner
court shimla - फोटो : अमर उजाला
थाना महरौनी क्षेत्र के ग्राम सिलावन निवासी विष्णु तिवारी पर बीस वर्ष पहले अनुसूचित जाति की एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने विष्णु के सोलह वर्ष के होने के बाद भी उसे बालिग दिखाकर जेल भेज दिया था। तब उसे जमानत पाने में छह माह लग गए थे। जब वह बाहर आया तो एक अन्य महिला द्वारा साजिशन उस पर एससीएसटी एक्ट के तहत दूसरा मुकदमा दर्ज करा दिया। इस पर उसे फिर से जेल जाना पड़ा। जब मुकदमों की सुनवाई जिला न्यायालय पहुंची तो वहां दोनों मामलों में एक साथ सुनवाई करते हुए दुष्कर्म के मामले में दस वर्ष और एससीएसटी एक्ट में उम्र कैद की सजा सुना दी गई और उसे जेल भेज दिया। तब से विष्णु तिवारी जेल की चहारदीवारी के बीच घुट-घुटकर जिंदगी जीता रहा।

आगरा: विष्णु को 19 साल बाद जेल से मिली रिहाई, हाईकोर्ट ने एक महीने पहले बेगुनाह करार दिया था, पढ़िए पूरा मामला

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Vishnu Tiwari Reach Home After Release From Central Jail 19 Year No Crime But Get Prisoner
केंद्रीय कारागर से रिहाई के बाद विष्णु - फोटो : अमर उजाला
इस बीच उसने कई बार आत्महत्या का भी मन बनाया, लेकिन, इस कलंक को धोने के लिए उसे न्याय की आस थी। इस दौरान उसने अपने माता, पिता और फिर दो भाई व दो चाचा भी खो दिए। तीन वर्ष पहले विधिक सेवा समिति की ओर से नामित हाईकोर्ट की अधिवक्ता श्वेता राणा से किसी प्रकार संपर्क हुआ और उन्होंने उसकी जेल अपील को हाईकोर्ट में उठाते हुए केस लड़ा जिससे उसकी जिंदगी बदल गई और हाईकोर्ट ने उसे निर्दोष साबित कर दिया। विष्णु बुधवार की शाम को सेंट्रल जेल आगरा से छूटने के बाद देर रात्रि अपने घर पहुंच गया।
विज्ञापन
Vishnu Tiwari Reach Home After Release From Central Jail 19 Year No Crime But Get Prisoner
विष्णु के घर का फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
19 साल में सब बिखर गया
विष्णु ने घर लौटने पर बताया कि 19 साल में सब कुछ बदल गया, माता-पिता, दो भाई, दो चाचा की मौत हो चुकी है। उसे किसी की भी मौत पर अर्थी को कंधा देना तक नसीब नहीं हुआ। अब जब वह घर लौटा है तो सब बिखर चुुका है। जमीन जायदाद बिक चुकी है, दस गाय व भैंस और बैलगाड़ी तक नहीं बची हैं। उसके परिवार वालों ने मुकदमा लड़ने के लिए सब कुछ बेच दिया। अब वह नए सिरे से अपनी जिंदगी अपने परिवार के बचे सदस्यों के साथ गुजारेगा और काम भी करेगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed