कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संक्रमण गांवों में तेजी से फैला है। इससे बचाव के लिए ग्रामीणों की दिनचर्या में बदलाव भी आया है। आगरा जनपद के बरौली अहीर ब्लॉक के गांव नौबरी में ग्रामीणों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। गांव में पुराने पीपल के पेड़ के नीचे प्रतिदिन योग की पाठशाला लगती है। इसमें बच्चे, बुजुर्ग और जवान सभी शामिल होते हैं। खास बात यह है कि ग्रामीणों का ज्यादातर वक्त इस पेड़ के नीचे ही गुजरता है। गांव के इस सैकड़ों वर्ष पुराने पीपल के पेड़ को लोग जीवन रक्षक मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पीपल के पेड़ के नीचे रहने से ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है। एक ग्रामीण ने तो पीपल के पेड़ पर अपनी खाट डाल ली है।
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पीपल के पेड़ के नीचे योग करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बरौली अहीर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नौबरी में ग्रामीणों ने कई वर्ष पुराने एक पीपल के पेड़ के नीचे अपना डेरा जमा लिया है। यहां सुबह से शाम तक लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। सुबह योग की पाठशाला लगती है। युवा कसरते हैं। दोपहर का समय भी गांव के लोग पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर व्यतीत करते हैं।
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पीपल के पेड़ पर डाली खाट
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना संकट काल में लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं। उन्होंने यह सुना है कि पीपल के पेड़ के नीचे रहने से ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है। गांव के विनोद शर्मा ने तो पीपल के पेड़ पर ही खाट डाल ली है। उनका कहना है कि उनका ऑक्सीजन स्तर कम था, जब से पीपल के पेड़ के नीच बैठना शुरू किया है, तब से ठीक है।
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पीपल के पेड़ के नीचे व्यायाम करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
गांव के महीपाल यादव ने कहा कि शहरों में ऑक्सीजन की किल्लत है। इसको देखते हुए गांव के बुजुर्गों ने ऑक्सीजन ठीक रखने और शुद्ध हवा लेने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे बैठने के लिए गांव वालों को प्रेरित किया। लोगों ने उनकी बातों को मानकर इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। महीपाल भी युवाओं की टीम बनाकर लोगों कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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पीपल के पेड़ के नीचे बैठे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम पंचायत नौबरी की आबादी लगभग तीन हजार है। गांव की नव निर्वाचित प्रधान स्नेहलता ने बताया कि गांव में कई बार सैनेटाइजेशन कराया है। साथ ही सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। वह स्वास्थ्य विभाग की टीम से लगातार संपर्क है। अगर गांव में किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होती है तो तत्काल टीम को बुलाकर उसका इलाज कराया जाता है।