आगरा में थाना खंदौली के गांव नहर्रा में हुई दरोगा प्रशांत कुमार यादव हत्याकांड के केस में पुलिस ने आरोपी विश्वनाथ के भाई शिवनाथ के कोर्ट में बयान दर्ज करा दिए हैं। उन्होंने बयानों में घटना के संबंध में जानकारी दी है। पुलिस अब केस में जल्द चार्जशीट लगाने की तैयारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक थाना खंदौली के गांव नहर्रा में दो भाई शिवनाथ और विश्वनाथ के बीच 24 मार्च को पिता के खेत से आलू खोदने को लेकर विवाद हो गया था। विश्वनाथ आलू से आधा हिस्सा मांग रहा था। सुबह विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। शाम को एक बार फिर विश्वनाथ खेत पर पहुंचकर मजदूरों को धमका रहा था। उसके हाथ में तमंचा भी था।
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दरोगा का हत्यारोपी विश्वनाथ और प्रशांत का फाइल फोटो
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सूचना पर दरोगा प्रशांत कुमार यादव एक सिपाही के साथ पहुंचे थे। तमंचा देखकर प्रशांत यादव विश्वनाथ को पकड़ने के लिए दौड़े थे। तभी विश्वनाथ ने गोली चला दी थी, जिसमें प्रशांत कुमार यादव शहीद हो गए थे। वारदात के बाद आरोपी भाग गया था। तत्कालीन एडीजी रेंज ए. सतीश गणेश ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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दरोगा प्रशांत का हत्यारोपी विश्वनाथ मुठभेड़ में गिरफ्तार
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27 मार्च की शाम को जैतपुर स्थित कमतरी के पुल पर विश्वनाथ को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। केस की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, शिवनाथ से झगड़ा होने पर ही विश्वनाथ तमंचा लेकर आया था। इसलिए केस में शिवनाथ अहम गवाह है।
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दरोगा प्रशांत का हत्यारोपी विश्वनाथ
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पुलिस ने शिवनाथ के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस ने बयान का अवलोकन कर लिया है। उन्होंने घटना के बारे में बयान दिया है। अब पुलिस जल्द चार्जशीट लगाएगी।
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आगरा पुलिस
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भाई से झगड़े के बाद विश्वनाथ ने बुलाए थे बदमाश
आगरा पुलिस की छानबीन में पता चला है कि विश्वनाथ की हाथरस के विधिपुर में ससुराल है। विधिपुर के दो बदमाश हाल में ही जेल से छूटे हैं। विश्वनाथ की दोनों बदमाशों से पहचान है। बदमाश उसके घर भी आते थे। पुलिस को पता चला है कि यह बदमाश दरोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या वाले दिन भी गांव में आए थे। आशंका है कि उसने इन बदमाशों को भाई शिवनाथ पर हमले के लिए बुलाया होगा। मगर, उससे पहले ही दरोगा पहुंच गए।