आगरा में खंदौली के गांव नहर्रा में 24 मार्च को दरोगा प्रशांत यादव की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपी विश्वनाथ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। विश्वनाथ ने पुलिस पर हमला बोला था। इस मामले में थाना जैतपुर में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी की ओर से पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में दिए जमानत प्रार्थनापत्र पर विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र परवेंद्र कुमार ने स्वीकृत कर रिहाई के आदेश किए।
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दरोगा प्रशांत यादव हत्याकांड: हत्यारोपी को पुलिस मुठभेड़ के मामले में मिली जमानत, अधिवक्ता ने दिया ये तर्क
Fri, 20 Aug 2021 02:49 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 20 Aug 2021 02:49 PM IST
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दरोगा हत्याकांड: हत्यारोपी विश्वनाथ (बायें), दरोगा प्रशांत कुमार यादव का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दरोगा प्रशांत का हत्यारोपी विश्वनाथ
- फोटो : अमर उजाला
जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नरायन शर्मा ने तर्क दिए कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। पुलिसकर्मी के भी कोई चोट नहीं आई है। कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्क के आधार पर जमानत स्वीकृत करने के आदेश किए।
शहीद दरोगा प्रशांत
- फोटो : अमर उजाला
झगड़े के बाद विश्वनाथ ने बुलाए थे बदमाश
आगरा पुलिस की छानबीन में पता चला है कि विश्वनाथ की हाथरस के विधिपुर में ससुराल है। विधिपुर के दो बदमाश हाल में ही जेल से छूटे हैं। विश्वनाथ की दोनों बदमाशों से पहचान है। बदमाश उसके घर भी आते थे। पुलिस को पता चला है कि यह बदमाश दरोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या वाले दिन भी गांव में आए थे। आशंका है कि उसने इन बदमाशों को भाई शिवनाथ पर हमले के लिए बुलाया होगा। मगर, उससे पहले ही दरोगा पहुंच गए।
आगरा पुलिस की छानबीन में पता चला है कि विश्वनाथ की हाथरस के विधिपुर में ससुराल है। विधिपुर के दो बदमाश हाल में ही जेल से छूटे हैं। विश्वनाथ की दोनों बदमाशों से पहचान है। बदमाश उसके घर भी आते थे। पुलिस को पता चला है कि यह बदमाश दरोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या वाले दिन भी गांव में आए थे। आशंका है कि उसने इन बदमाशों को भाई शिवनाथ पर हमले के लिए बुलाया होगा। मगर, उससे पहले ही दरोगा पहुंच गए।
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आगरा में विलाप करता दरोगा का परिवार और प्रशांत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मी और अधिकारी नहीं खेली थी होली
खंदौली में दरोगा प्रशांत कुमार यादव शहीद हो गए थे। इस घटना से पुलिस परिवार में गम था। कुछ दिन बाद ही होली का त्योहार था। पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने इस बार होली नहीं खेली थी।
खंदौली में दरोगा प्रशांत कुमार यादव शहीद हो गए थे। इस घटना से पुलिस परिवार में गम था। कुछ दिन बाद ही होली का त्योहार था। पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने इस बार होली नहीं खेली थी।
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दरोगा प्रशांत यादव की पत्नी को चेक सौंपते एसएसपी आगरा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपी विश्वनाथ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। वह जेल में बंद है। घटना के बाद शहीद दरोगा के परिवार के साथ पुलिसकर्मी भी खड़े हुए थे। उन्होंने एक दिन का वेतन देने की घोषणा की थी। इससे 54.35 लाख रुपये इकट्ठा हुए। जो पत्नी और प्रशांत की मां को दिए गए हैं।