यातायात नियमों की अनदेखी करना तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गया। मथुरा में आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर पंचर खड़े ट्रैक्टर-ट्राली में पीछे से बाइक घुस गई। इस हादसे में बच्चों सहित तीन की मौत के बाद इनके परिवारों में मातम छा गया। हादसे में मामा-भांजे और एक भांजी की मौत से उनकी दिवाली की खुशियां आंसुओं में बह गईं।
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घटनास्थल पर पुलिस व स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के थाना खैरागढ़ क्षेत्र के गांव घुसयाना निवासी जितेंद्र ठाकुर (45) पुत्र उम्मेद अपनी बहन नीरज, उसके दो बेटे और दूसरी बहन राधा की बेटी को गुरुग्राम से एक ही बाइक से लेकर आगरा आ रहा था। पांचों लोग एक ही बाइक पर थे, किसी ने हेलमेट भी नहीं लगाया था।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतकों के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर गांव अकबरपुर के पास ओवरटेक के चक्कर में उनके साथ यह हादसा हो गया। हादसे में मारी गई तीन साल की आयुषी आगरा के घसकटा, जगनेर निवासी हरिकेश और राधा की इकलौती बेटी थी। वो अपने मामा जितेंद्र, मौसी नीरज और मौसेरे भाई आयुष व हिमांशु के साथ आगरा अपने घर लौट रही थी।
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पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिजन व रिश्तेदार
- फोटो : अमर उजाला
तीनों बच्चे त्योहार पर एक साथ होने को लेकर खासे उत्साहित थे। दिवाली की उमंग साफ दिख रही थी। लेकिन त्योहार पर आयुषी और आयुष और उनके मामा जितेंद्र की मौत ने तीनों परिवारों में कोहराम मचा दिया। घर की खुशियां मातम में बदल गईं। हर किसी की आंख में आंसू भरे हुए थे।
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पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिजन व रिश्तेदार
- फोटो : अमर उजाला
जितेंद्र ठाकुर और उसके दो बहनोई हरिओम व हरिकेश गुरुग्राम में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। दिवाली के चलते हरिओम ने अपनी पत्नी-बच्चों को और हरिकेश ने अपनी बेटी को जितेंद्र के साथ आगरा के लिए भेज दिया था। उन्होंने खुद बाद में आने की कही थी। वहीं खास बात पांच लोग एक ही बाइक पर बिना हेलमेट के गुरुग्राम से मथुरा तक आ गए, लेकिन उन्हें किसी ने न रोका, न टोका।