फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ताजमहल: औरंगजेब के खत से उठे ताज के निर्माण पर सवाल, आखिर कब बनी 'मोहब्बत की मिसाल' ?

Wed, 11 May 2022 01:50 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 11 May 2022 01:50 PM IST
विज्ञापन
taj mahal secret rooms aurangzeb letter raises questions on the construction of Taj Mahal
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला

ताजमहल के तहखाने के कमरों को खोलने की हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई टल गई है, लेकिन यह विवाद गहरा गया है। इसके साथ ही उन कमरों का रहस्य भी। इस विश्व धरोहर स्मारक के निर्माण को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। 1632 में ताजमहल का निर्माण शुरू हुआ था, जो 20 साल में पूरा हो पाया। ताजमहल के बनने के तुरंत बाद ही इसकी मरम्मत वर्ष 1652 से शुरू हो गई। पहली बार ताजमहल की इमारत में संरक्षण के जो काम किए गए, उनका पहला ब्योरा औरंगजेब का वह पत्र है, जो वर्ष 1652 में शहंशाह शाहजहां को लिखा गया था। उसी पत्र को आधार बनाते हुए ताजमहल को राजा परमर्दिदेव का महल बताया जाता है। औरंगजेब के इस पत्र से ही ताजमहल के निर्माण को लेकर रहस्य गहराया और विवाद भी शुरू हो गया।  

taj mahal secret rooms aurangzeb letter raises questions on the construction of Taj Mahal
ताजमहल की पुरानी तस्वीर
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व निदेशक डॉ. डी दयालन ने अपनी पुस्तक ताजमहल एंड इट्स कन्जरवेशन में लिखा है कि मुहर्रम की तीसरी तारीख को 4 दिसंबर 1652 को शहजादा औरंगजेब जहांआरा के बाग में पहुंचे और अगले दिन उन्होंने चमकते हुए मकबरे को देखा। उसी भ्रमण में औरंगजेब ने शाहजहां को पत्र लिखकर बताया कि इमारत की नींव मजबूत है, लेकिन गुंबद से पानी टपक रहा है। 
taj mahal secret rooms aurangzeb letter raises questions on the construction of Taj Mahal
ताजमहल का गुंबद - फोटो : अमर उजाला
औरंगजेब ने पत्र में लिखा, ताजमहल की चारों छोटी छतरियां और गुंबद बारिश में लीक हो रही हैं। संगमरमर वाले गुंबद पर दो से तीन जगह से बारिश में पानी निकल रहा है। इसकी मरम्मत कराई गई है। देखते हैं कि अगली बारिश में क्या होगा। इस पत्र के आधार पर ही यह रहस्य गहराया कि अगर ताज 1652 में बना था तो गुंबद इतनी जल्दी कैसे लीक हो गया ?  इसका रहस्य आज भी बरकरार है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
taj mahal secret rooms aurangzeb letter raises questions on the construction of Taj Mahal
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही सैलानियों के लिए ताजमहल के हिस्सों को बंद किया गया और ताले लगने शुरू हुए, वैसे-वैसे विवाद बढ़ा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 50 सालों में ताज का बड़ा हिस्सा पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। सैलानियों की दूरी जैसे-जैसे ताज से बढ़ी, वैसे-वैसे ताज के तहखाने और धार्मिक नजरिए से देखने का विवाद गहराता चला गया। रहस्य भी गहराया। 
विज्ञापन
taj mahal secret rooms aurangzeb letter raises questions on the construction of Taj Mahal
कमरों के दरवाजे हटवाकर बना दी गईं हैं दीवारें - फोटो : अमर उजाला

सबसे पहले मीनारें, फिर तहखाना किया बंद

ताजमहल की चारों मीनारों में पर्यटक पहले न केवल घूम सकते थे, बल्कि सबसे ऊपर भी पहुंच सकते थे। कई पर्यटक जोड़ों ने मीनारों से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। ताजगंज निवासी और खुद्दाम ए रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिरुद्दीन ताहिर बताते हैं कि आत्महत्या के मामलों के बाद मीनारों पर प्रवेश बंद कर दिया गया और मीनारों में नीचे दरवाजों पर ताला लगाया गया। 1970 के दशक में मीनारें बंद होने के बाद तहखानों को बंद किया गया था।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed