देश के पहले महिला एनडीए बैच की परीक्षा में बाह के बिजकौली गांव की बेटी स्वाती ने महिला वर्ग में 16वीं रैंक हासिल की है। देश में उसकी 158वीं रैंक है। लेफ्टिनेंट के लिए चयनित स्वाती को यूपी की इकलौती प्रतिभागी होने का भी गौरव हासिल है। कहा कि सूबेदार पिता दिनेश बाबू से उन्हें सेना में जाने का जज्बा और मां विनीता देवी से प्रेरणा मिली।
बीटेक कम्प्यूटर साइंस की छात्रा हैं स्वाती
स्वाती के पिता सूबेदार दिनेश बाबू ने बताया कि उसकी पढ़ाई बिजकौली गांव के जीडीएम पब्लिक स्कूल से शुरू हुई। सेना में होने की वजह से पांचवीं से इंटरमीडिएट की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल शंकर विहार दिल्ली से की। स्वाती ने 2019 में 10 वीं, 2021 में 12वीं की परीक्षा पास की। जेईई मैन्स में 97 फीसदी अंक हासिल किए। दिल्ली के नेताजी सुभाष युनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा बनीं।
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स्वाती
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लेफ्टिनेंट बनने पर स्वाती को विधायक पक्षालिका सिंह व पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने भी बधाई दी। विधायक ने कहा कि उनकी कामयाबी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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स्वाती को मिठाई खिलाते हुए उनकी मां
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स्वाती ने बताया कि देश की पहली महिला एनडीए परीक्षा की तैयारी के लिए मात्र 40 दिन का समय मिला था। यूपीएससी की वेबसाइट से एनडीए परीक्षा के पुराने वर्षों के प्रश्न पत्र डाउनलोड कर हल किए। प्रश्न पत्र हल करने के लिए परीक्षा में पांच घंटे का समय मिलता है।
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परिवार में खुशी की लहर
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उन्होंने बताया कि 'मैंने चार घंटे में ही हल करने का प्रयास किया। 12वीं कक्षा तक की एनसीईआरटी की किताबों से नोट्स बनाए। लिखित परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार के लिए अच्छी तैयारी की।'
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स्वाती
- फोटो : अमर उजाला
स्वाती ने कहा कि 'यू ट्यूब से सामान्य ज्ञान को पढ़ने के साथ उन्हें बार-बार दोहराया। शारीरिक और चिकित्सा मानक पूरा करने के लिए नियमित व्यायाम भी किया।'