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स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: इन तीन कारणों से गिरी ताजनगरी की रैंकिंग, ऐसा है सफाई व्यवस्था का हाल

Sun, 21 Nov 2021 11:37 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 21 Nov 2021 11:37 AM IST
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Swachh Survekshan 2021 ranking of agra dropped due to three reasons in the Sanitation system
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला

आगरा में न घर से कूड़ा उठा, न डलाबघर खत्म हुए। नालों और सड़कों पर कचरे के ढेर लगे रहे। चमड़े की कतरनें नालों को जाम करती रही, लेकिन सफाई सुधारने के नाम पर केवल डस्टबिन बांट दिए गए। ताजमहल और किले जैसी विश्व धरोहरों के सामने कचरे के पहाड़ और सिल्ट शहर की छवि धूमिल करती रही, लेकिन नगर निगम की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं आया, जिसका खामियाजा स्वच्छ सर्वेक्षण में शनिवार को उठाना पड़ा, जब स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की घोषणा की गई। 



स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: टॉप-20 से आगरा बाहर, मथुरा-फिरोजाबाद की रैंकिग गिरी, मैनपुरी में सुधार

आगरा देश भर के नगर निगमों की रैंकिंग में फिसलकर 24 वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि बीते साल 16 वें स्थान पर था। प्रदेश में आगरा को पछाड़कर कानपुर और गाजियाबाद आगे हो गए। प्रदेश में लखनऊ, गाजियाबाद और कानपुर के बाद आगरा चौथे नंबर पर रहा, जबकि बीते साल आगरा प्रदेश में दूसरे नंबर पर था।

Swachh Survekshan 2021 ranking of agra dropped due to three reasons in the Sanitation system
कूड़ा-कचरे से भरे कूड़ेदान - फोटो : अमर उजाला

डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हुआ फेल
शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन घोटाले के बाद बीते साल पांच जनवरी 2020 को कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के साथ करार खत्म किया गया। तब से अब तक 22 माह में नगर निगम अपने संसाधनों और सफाई कर्मियों से डोर टू डोर कूड़ा उठवा रहा था, लेकिन यह 40 फीसदी से ज्यादा कभी नहीं हो पाया। 60 फीसदी घरों का कचरा डलाबघरों और डस्टबिन के अलावा नालों में बिखरता रहा। नगर निगम 22 महीने के लंबे इंतजार के बाद निजी कंपनी को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए चुन पाया। 

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कूड़ेदान - फोटो : अमर उजाला
14 करोड़ के डस्टबिन बंटे, कचरा अलग न हुआ
स्वच्छ सर्वे में घर से कचरा अलग-अलग करने पर नंबर है, लेकिन गीला और सूखा कचरा मिक्स होकर मिला। हालांकि नगर निगम ने 14 करोड़ रुपये के डस्टबिन शहर के लोगों में बांट दिए, लेकिन घरों का कचरा अलग अलग होकर नहीं मिल पाया। घर से कचरा लेने की व्यवस्था फेल होने के कारण डस्टबिन बांटने का फायदा नहीं हो पाया। निगम ने इसी तरह गीले कचरे से खाद बनाने के लिए कंटेनर भी बांटे, पर वह भी असर नहीं डाल पाया।
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कूड़े के ढेर पर गोवंश - फोटो : अमर उजाला
चार करोड़ के ट्रांसफर स्टेशन पड़े बंद
नगर निगम ने एक साल पहले ट्रांसफर स्टेशन बनवाए, ताकि घरों से निकलकर गाड़ियां कचरा ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाएं। डलाबघर और डस्टबिन में कचरा डालने की जगह घरों से ट्रांसफर स्टेशन पर कचरा लाया जाए, पर पूरे साल यह व्यवस्था ठप रही। कोठी मीना बाजार मैदान, आईएसबीटी पर रेल लाइन से सटाकर कचरा डंप किया गया। चार करोड़ रुपये इन स्टेशनों के निर्माण पर खर्च हुए जिसका उपयोग नहीं हुआ।
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आगरा नगर निगम
26 नवंबर को नगर निगम कार्यकारिणी की सफाई पर बैठक 
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के परिणाम घोषित होने के बाद आगरा नगर निगम में इस बार मायूसी का आलम रहा। न बैंडबाजे बजे, न ढोल ताशे। पिछले साल नगर निगम और मेयर कैंप कार्यालय पर पार्षद, आम लोग और जनप्रतिनिधियों ने खुशी जाहिर की थी, लेकिन इस बार रैंकिंग में गिरावट देखते हुए मेयर नवीन जैन ने 26 नवंबर को नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है, जिसमें नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, पर्यावरण अभियंता समेत अधिकारियों के साथ सफाई पर मंथन किया जाएगा। 
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