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Sri Lanka Economic Crisis: श्रीलंका के संकट में फंसे पांच करोड़ के आर्डर, निर्यातकों को सता रहा ये डर
Fri, 15 Jul 2022 10:09 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
दिलीप शर्मा, फिरोजाबाद
दिलीप शर्मा, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 15 Jul 2022 10:09 AM IST
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Sri Lanka Economic Crisis
- फोटो : अमर उजाला
श्रीलंका के आर्थिक संकट का असर जिले के कांच व फैंसी उत्पाद उद्योग पर भी दिखने लगा है। एक ओर पांच करोड़ से अधिक के आर्डर फंसने से निर्यातक परेशान हैं। दूसरी ओर मार्च से अप्रैल के बीच भेजे गए उत्पादों का भुगतान भी फंसने का डर सता रहा है। मार्च से लेकर अक्तूबर तक श्रीलंका में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहती है। खास तौर पर जून-जुलाई में पॉसन फेस्टिवल, जुलाई-अगस्त में वेल फेस्टिवल, जुलाई-अगस्त में एसाला और अगस्त-सितंबर में नल्लूर महोत्सव की। अक्तूबर-नवंबर में वहां भी दीपावली का त्योहार धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान चीन और भारत निर्मित कांच व फैंसी उत्पादों की भरपूर मांग रहती है।
कांच के उत्पाद
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी देश में कांच आयटम की सप्लाई करने वाले कारोबारियों की माने तो करीब पांच से छह करोड़ के आर्डर फंस गए हैं। वहीं दो से तीन करोड रुपये का भुगतान बिचौलिया के जरिए अधर में लटक गया है।
कांच की मूर्तियां
- फोटो : अमर उजाला
श्रीलंका के प्रमुख त्योहार एवं बिकने वाले कांच आयटम
- पॉसन फेस्टिवल जून-जुलाई भगवान बुद्व और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां- वेल फेस्टिवल जुलाई-अगस्त बौद्व एवं हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति,हैगिंग लाइट,कांच के दीपक
- एसाला अगस्त कांच के मोती वाली माला,रंग-बिरंगे कांच के नग
- नल्लूर महोत्सव अगस्त-सितंबर कांच मूर्तियां,फैंसी ग्लास आयटम,लाइटें,लालटेन,किचिन वेयर
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हेमंत अग्रवाल बल्लू
- फोटो : अमर उजाला
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष हेमंत अग्रवाल बल्लू ने बताया कि कोविड काल से ही चायना का आवागमन बंद है। उम्मीद थी कि कांच हस्तशिल्प आयटम और फैंसी ग्लास की बिक्री के लिए श्रीलंका से काफी उम्मीद थीं। लेकिन आर्थिक संकट के कारण तमाम परेशानी थीं। कोराना काल के बाद स्थानीय त्योहारों पर कांच की मूर्तियां व किचिन वेयर की डिमांड की उम्मीद थी। लेकिन ताजा हालातों ने कांच व अन्य कारोबारियों को निराश कर दिया है।लगभग पांच करोड़ का कांच कारोबार प्रभावित होगा।
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संदीप चतुर्वेदी
- फोटो : अमर उजाला
ग्लास बिजनेस मैन एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप चतुर्वेदी ने बताया कि कारोबारी दृष्टिकोण से श्रीलंका के हालात पहले से ही खराब थे। श्रीलंका में मनाए जाने वाले कई त्योहार हिंदू रीति-रिवाजों से मेल खाते हैं। ऐसे में फैंसी ग्लास, किचिन वेयर के साथ धार्मिक त्योहारों पर देवी-देवताओं की मूर्तियां व लाइट का सामान एक्सपोर्ट हो रहा था। लेकिन अब सबकुछ ठप हो जाना तय है। कई कांच कारोबारियों की रकम भी फंसेगी।