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तस्वीरें: बीमारों को नहीं मिल रहे बेड, प्राइवेट वार्ड को बना दिया स्टोर रूम, ऐसा है एसएन का हाल

Mon, 21 Oct 2019 04:08 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 21 Oct 2019 04:08 PM IST
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Sn Medical College Drug Cartons in Private ward Agra
एक बेड पर तीन-तीन मरीज लेटे हुए - फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का एक और नमूना सामने है। मेडिसिन विभाग के प्राइवेट वार्ड को स्टोर बना दिया है। इसमें दवाओं के कार्टन भर दिए गए हैं। दूसरी ओर कैंसर रोग विभाग है, जहां बेड की कमी है और एक बेड पर तीन-तीन मरीज लेटे हुए हैं। सत्यमेव जयते संस्था के मुकेश जैन समेत अन्य संगठन कॉलेज प्रशासन से मांग कर चुके हैं कि जब तक कैंसर वार्ड में बेडों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती, तब तक प्राइवेट वार्ड में कैंसर मरीजों को भर्ती किया जाए, लेकिन इस पर कोई विचार नहीं किया गया है।
Sn Medical College Drug Cartons in Private ward Agra
मेडिसिन विभाग के 12 कमरों में भर दिए गए हैं दवाओं के कार्टन - फोटो : अमर उजाला
मेडिसिन विभाग का दो मंजिला प्राइवेट वार्ड में 12 कमरे हैं। इसमें लंबे समय से मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। वार्ड में चिकित्सकीय सुविधाएं न होने के कारण मरीज प्राइवेट कक्ष नहीं लेते हैं। इसमें एसी, टीवी समेत अन्य सुविधाएं भी नहीं है। प्राइवेट वार्ड का प्रतिदिन का शुल्क 400 रुपये है। दोनों मंजिलों पर सेंट्रल ड्रग स्टोर की दवाएं भर दी गई हैं।
Sn Medical College Drug Cartons in Private ward Agra
एसएन मेडिकल कालेज - फोटो : अमर उजाला
कैंसर रोग विभाग में 30 बेड हैं, इसमें भर्ती मरीजों की संख्या 50-60 रहती है। इसमें महिला मरीज भी हैं, ऐसे में पुरुष मरीज होने पर एक ही बेड पर दो या तीन मरीज लिटाए जा रहे हैं। विभागाध्यक्ष ने मरीजों की संख्या बढ़ते देख 30 बेड और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हुआ।
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Sn Medical College Drug Cartons in Private ward Agra
एसएन कॉलेज के प्राइवेट वार्ड को बना दिया स्टोर - फोटो : अमर उजाला
डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
सवाल: मेडिसिन विभाग के प्राइवेट वार्ड को स्टोर के तौर पर उपयोग किया जा रहा है, मरीज क्यों नहीं भर्ती किए जा रहे। 
जवाब: मेडिसिन विभाग का प्राइवेट वार्ड की मरम्मत होनी है, इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। तब तक दवाएं रखी जा रही हैं। 
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एसएन मेडिकल कालेज - फोटो : अमर उजाला
सवाल: स्त्री रोग विभाग के प्राइवेट वार्ड में भी मरीज भर्ती नहीं हो रहे हैं, जबकि 400 रुपये रोजाना के शुल्क पर एसी प्राइवेट कक्ष की  सुविधा है, क्या वजह है। 
जवाब: नर्सिंग स्टाफ की कमी है, शासन से 135 स्टाफ की मांग की है। इसके जीर्णोद्धार के लिए भी शासन से बजट मांगा है। 
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