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Sanjhi Mahotsav: भगवान कृष्ण से जुड़ी सांझी कला देखनी है तो ब्रज में आइए, 18 सितंबर से शुरू हो रहा महोत्सव

Sat, 17 Sep 2022 03:32 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 17 Sep 2022 03:32 PM IST
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Sanjhi Mahotsav will be begin on 18th September at Raskhan Samadhi in Mathura
सांझी कलाकृति - फोटो : अमर उजाला

ब्रज की प्राचीन सांझी कला को सहेजा जाएगा। इसका बीड़ा जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा और उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने उठाया है। इसके तहत भगवान श्रीकृष्ण के भक्त रसखान की समाधि पर 18 से 25 सितंबर तक आठ दिवसीय सांझी महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। 



रसखान समाधि पर आठ दिवसीय सांझी महोत्सव में सांझी कला के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। इस आयोजन में राजकीय संग्रहालय मथुरा और ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के सहयोग से विभिन्न प्रकार की जल सांझी, फूलों की सांझी, गोबर सांझी, केले के पत्तों की सांझी, कैनवास सांझी और रंगों की सांझी के अलावा सांझी सेमिनार और सांझी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
 
सांझी कला के साथ-साथ श्रद्धालुओं के मन को मोहित करने और ब्रज की संस्कृति के बारे में अवगत कराने के लिए रसखान समाधि स्थल पर ही शाम चार बजे से सात बजे तक भजन संध्या, सांझी समाज गायन, बनी-ठनी नाट्य रूपक, बेणी गूंथन रासलीला, लावनी लोकगीत, रसिया, ब्रज भाषा कवि सम्मेलन, लोक नृत्य और जिकड़ी भजन आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

Sanjhi Mahotsav will be begin on 18th September at Raskhan Samadhi in Mathura
रसखाना समाधि स्थल - फोटो : अमर उजाला
जीएलए के प्रति कुलपति प्रोफेसर अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी लीलाओं की सांझी कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए विश्वविद्यालय और ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने बीड़ा उठाया है। इसके तहत सांझी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 
Sanjhi Mahotsav will be begin on 18th September at Raskhan Samadhi in Mathura
रसखाना समाधि स्थल - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि स्मारक मित्र के तहत जब से जीएलए ने रसखान समाधि और ताज बीवी स्मारक को गोद लिया है, तब से अब तक काफी संरक्षण हुआ है। आने वाले श्रद्धालुओं के रसखान के बारे में जानकारी देने के लिए स्मारक इंचार्ज की तैनाती की गई है।
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Sanjhi Mahotsav will be begin on 18th September at Raskhan Samadhi in Mathura
सांझी कलाकृति - फोटो : अमर उजाला
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ पंकज वर्मा ने बताया कि सांझी महोत्सव को भव्य रूप मनाया जाएगा। सांझी कलाकार और सहयोगियों के साथ बैठक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आठ दिवसीय महोत्सव में ब्रज के कलाकार ही प्रतिभाग करेंगे। सभी प्रतिभागियों को सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया जायेगा।
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Sanjhi Mahotsav will be begin on 18th September at Raskhan Samadhi in Mathura
सांझी कलाकृति - फोटो : अमर उजाला
श्राद्ध पक्ष में जब कोई उत्सव नहीं होते, तब ब्रज में सांझी उत्सव मनाया जाता है। शहरी इलाकों में रंग व फूल, जल की सांझी बनाई जाती है। ग्रामीण अंचलों में गोबर से सांझी बनाकर महोत्सव मनाया जाता है। ब्रज के मंदिरों, कुंज और आश्रमों में मिट्टी के ऊंचे अठपहलू धरातल पर रखकर छोटी-छोटी पोटलियों में सूखे रंग भर कर इस कला का चित्रण किया जाता है।
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