आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए कोविड हॉस्पिटलों में चिकित्सक, नर्स, वार्ड ब्वाय और अन्य स्टाफ कठिन परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं। इस गर्मी में पीपीई किट पहनकर पांच से छह घंटे काम कर रहे हैं। परिवार से दूर रहना पड़ता है। एक ही घर में रहते हुए भी माता-पिता व अन्य सदस्यों से फोन पर बात होती है।
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आगरा में कोरोना: एसएन मेडिकल कॉलेज
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एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल के आईसीयू में तैनात डॉ. प्रदीप गौतम चार से पांच घंटे पीपीई किट में रहते हैं। डबल मास्क लगाते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में पीपीई किट लंबे समय तक पहना कष्टदायक हो रहा है। कहा कि इस माह कोरोना संक्रमित मरीजों का लोड बढ़ गया है। इन परिस्थितियों के बाद भी वह अपना बेहतर देने की कोशिश कर रहे हैं।
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डॉ. प्रदीप गौतम
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डॉ. प्रदीप का कहना है कि वह घर पर जाते हैं तो अलग कमरे में रहते हैं। संक्रमण फैलने की आशंका के कारण माता-पिता से फोन पर ही बात करते हैं। उन्होंने सीख दी कि कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना बेहद जरूरी है। संक्रमण से बचाव जरूर करें।
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स्टाफ नर्स सुमन सिंह
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एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल में तैनात स्टाफ नर्स सुमन सिंह का कहना है कि वह 18 मई 2020 से कोविड हॉस्पिटल में सेवाएं दे रही हैं। करीब छह घंटे पीपीई किट में रहती हैं। इस दौरान पानी भी नहीं पी पाती हैं। उनका कहना है कि कभी जब वह पिता रामतीर्थ से बात करते समय भावुक होती हैं, तो वह कहते हैं कि कोविड हॉस्पिटल में मरीजों का कोई नहीं है। इन मरीजों की वह माता-पिता की तरह सेवा करें। इससे प्रेरणा मिलती है।
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स्टाफ नर्स खुशबू
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स्टाफ नर्स खुशबू एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल में सितंबर, 2020 से तैनात हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज परिसर में स्थित हॉस्टल में रहती हैं। बिना अवकाश के लगातार काम कर रही हैं। उनका कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ पीपीई किट पहनकर छह घंटे काम करना चुनौतीपूर्ण जरूर है। लेकिन मरीज के ठीक होने पर सारी थकान दूर हो जाती है। परिवार मैनपुरी में रहता है। काम के बाद फोन पर परिजनों से बात होती है।