{"_id":"5cfcd33cbdec22073a5fedd0","slug":"safe-driving-on-expressway-and-highway-in-summer-season","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"गर्मी में एक्सप्रेसवे-हाईवे पर सुरक्षित सफर के लिए इन बातों का जरूर रखें ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी में एक्सप्रेसवे-हाईवे पर सुरक्षित सफर के लिए इन बातों का जरूर रखें ध्यान
Sun, 09 Jun 2019 05:08 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 09 Jun 2019 05:08 PM IST
विज्ञापन
यमुना एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आसमान से आग बरस रही है। पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। ऐसे में लंबा सफर तय करने वाले वाहनों के टायर जवाब दे रहे हैं। भीषण गर्मी की वजह से वाहनों के टायर फट जाते हैं। इससे एक्सप्रेसवे और हाईवे पर रोज कहीं ना कहीं हादसे हो रहे हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सतर्क किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि कार में नार्मल हवा की जगह नाइट्रोजन का इस्तेमाल करें। गर्मियों में स्पीड 100 से 110 के बीच ही रखें और हर 50 किलोमीटर पर एक ब्रेक जरूर लें।
यमुना एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
आगरा से नोएडा तक 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर 10 अप्रैल से 31 मई तक गाड़ियों के टायर फटने की कई घटनाएं हुई। आगरा टोल से जेवर टोल के बीच में 25 से ज्यादा गाड़ियों के टायर फट चुके हैं। जिन गाड़ियों के भी टायर फटे हैं उन सभी की रफ्तार 160 से 170 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई जा रही है। स्पीड मीटर के जरिए इन गाड़ियों का चिन्हीकरण भी कर लिया गया।
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जानकारों का कहना है कि भीषण गर्मी में रफ्तार तेज होने के कारण पुराना और कमजोर टायर जल्दी गर्म हो जाता है और वो फट जाता है। लिहाजा टोल प्लाजा पर पैंफ्लेट भी बांटे जा रहे हैं। गर्मी की वजह से हो रहे हादसों को लेकर वाहन चालकों को सचेत किया जा रहा है। कई बार दौड़ती गाड़ियों का टायर इतना गर्म हो जाता है कि उससे वाहन में भी आग लग जाती है। एक्सप्रेसवे पर ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुना एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के मेजर मनीष ने बताया कि जिन वाहनों का अभी तक टायर फटा है उनमें से अधिकांश की रफ्तार अधिक मिली है। कुछ गाड़ियां तो 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी दौड़ रही थी। लोग लगातार ड्राइविंग कर रहे हैं। कायदे में हर 50 किलोमीटर पर एक बार वाहन को रोककर उसके टायर जरूर देख लेने चाहिए। गाड़ी रुकने से टायर भी ठंडा हो जाता है।
विज्ञापन
चलती बाइक में लगी आग
उमा मोटर्स के वर्कशॉप मैनेजर संजय शर्मा का कहना है कि टायर फटने की घटनाएं सीमेंटेड सड़कों पर ज्यादा हो रही हैं। ऐसी सड़कों पर टायर जल्दी गर्म होते हैं। मोटर कंपनी के जनरल मैनेज जितेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि आमतौर पर एक टायर की उम्र 40 हजार किलोमीटर से भी कम होती है। समय पूरा होने पर टायर चटकने लगते हैं। चटके टायर जल्दी गर्म होते हैं और वह फट जाते हैं।