फैशन ब्लॉगर रितिका हत्याकांड की साजिश में शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) की दंत चिकित्सक डॉ. दीपाली अग्रवाल भी शामिल थी। हत्या से पहले और बाद में रितिका के पति आकाश गौतम की उनसे फोन पर बातचीत हुई थी। थाना ताजगंज पुलिस ने इसी आधार पर पिछले दिनों गुपचुप ढंग से दंत चिकित्सक को जेल भेजा था। अब उसकी जमानत भी खारिज हो गई। वह रितिका के लिव इन फ्रेंड विपुल अग्रवाल की पत्नी है।
रितिका हत्याकांड में बड़ा खुलासा: दीपाली और आकाश का एक ही था मकसद, इस वजह से दोनों ने रची खौफनाक साजिश
24 जून को खैराती टोला (ताजगंज) स्थित ओमश्री प्लेटिनम अपार्टमेंट में चौथी मंजिल से फेंककर फैशन ब्लागर रितिका सिंह की बेरहमी से हत्या की गई थी। हाथ बांधकर उन्हें नीचे फेंका गया था। गले में भी कपड़े का फंदा था। वह फ्लैट में अपने दोस्त बड़ा बाजार, शिकोहाबाद निवासी विपुल अग्रवाल के साथ लिव इन में रह रही थीं। पुलिस ने हत्या के आरोप में रितिका के पति आकाश गौतम, काजल, कुसुमा, चेतन व अनवर को जेल भेजा था।
रितिका के पिता सुरेंद्र सिंह और मां पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि हत्याकांड में विपुल की पत्नी डॉ. दीपाली अग्रवाल और उसके पिता और भाई भी शामिल हैं। इस संबंध में रितिका के पिता ने एडीजी जोन राजीव कृष्ण को प्रार्थना पत्र दिया था।
ताजगंज पुलिस ने सनसनीखेज हत्याकांड में पिछले दिनों दीपाली अग्रवाल को गुपचुप तरीके से जेल भेज दिया। परिजनों ने दीपाली अग्रवाल की जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जो खारिज हो गया। इंस्पेक्टर भूपेंद्र बालियान ने बताया कि विपुल की पत्नी दीपाली और रितिका के पति आकाश गौतम का मकसद एक ही था। दोनों की गृहस्थी में रितिका और विपुल के रिश्ते ने दरार डाल दी थी। दोनों इस रिश्ते को किसी भी सूरत में खत्म करना चाहते थे।
आकाश गौतम ने हत्या से पहले और हत्या के बाद दीपाली अग्रवाल से फोन पर बातचीत की थी। इसी आधार पर दीपाली अग्रवाल की गिरफ्तारी की गई। उन्हें आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप में जेल भेजा गया है। रितिका के पिता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने दीपाली के पिता और भाई को भी आरोपी बताया है। हत्या वाले दिन आकाश जिस बाइक से आया था वह दीपाली के एक परिजन के नाम है। पुलिस ने अभी उन दोनों को नहीं पकड़ा है।