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सिया ब्याहने चले श्रीराम, बराती बन झूमे लोग, मुस्लिम समाज के लोगों ने किया स्वागत
Fri, 27 Sep 2019 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 27 Sep 2019 12:13 AM IST
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रामबरात पर भगवान राम व उनके भाइयों के स्वरूप
- फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार वो घड़ी आई, जिसका इंतजार नगरवासी साल भर करते हैं। एतिहासिक राम बरात के मौके पर बुधवार शाम ढलने के साथ ही पूरा शहर रंगबिरंगी रोशनी से जगमगा उठा।दूल्हा बने प्रभु श्रीराम और उनके तीनों भाई रथ पर सवार होकर बरात लेकर निकले। श्रीराम बरात में बराती बनने का मौका पाकर लोग खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। मुस्लिम समाज के लोग भी श्रीराम की बरात की झांकियों के स्वागत को आतुर नजर आए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर राम बरात का स्वागत किया गया।
रामबरात पर स्वरूपों की आरती उतारते सांसद व विधायक
- फोटो : अमर उजाला
राम बरात की शुरूआत लाला चन्नोमल की बारहदरी, रावतपाड़ा से हुई। इसके पूर्व स्वरूपों की आरती की गई। एक-एक करके चारों भाई रथ पर सवार हुए। इसके बाद बरातियों के साथ प्रभु श्रीराम सिया ब्याहने को निकल पड़े। साथ ही शुरू हो गया जयकारों का सिलसिला। हजारों की संख्या में लोग सजने संवरने लगे। बैंडबाजे, ऊंट, घोड़े और तमाशबीन एकत्रित होने लगे। जगह-जगह लाउडस्पीकर पर बधाई गीत बज रहे थे। देखते ही देखते झांकियों की कतार लग गई। जयकारे लगने लगे-पुष्प बरसने लगे। राम बरात देखने के लिए शहर के साथ दूरदराज से आए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।
भगवान राम और उनके भाइयों के स्वरूप
- फोटो : अमर उजाला
पुराने शहर के सेब का बाजार में मुस्लिम समाज के लोगों ने राम बरात का स्वागत किया। आयोजनकर्ता भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगाई व उत्तर प्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के अध्यक्ष सैयद इरफान सलीम कार्यक्रम की अगुवाई कर रहे थे। समी आगाई ने बताया कि करीब 12 साल पहले राम बरात का स्वागत करना शुरू किया गया था। इसके पीछे मकसद है कि सुलहकुल की नगरी में आपसी सौहार्द को और मजबूत किया जाए। यहां की गंगा जमुनी तहजीब में श्रीराम सभी के आराध्य हैं।
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राम बरात की झांकियां
- फोटो : अमर उजाला
स्वरूपों की सवारी के आगे 130 झांकियां चल रही थी। बरात में सबसे आगे घोड़े और ऊंट सजकर चल रहे थे। इनके साथ तमाशबीन अपना करतब दिखा रहे थे। फिर गणेशजी की झांकी थी। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा और मालाओं से बरात का स्वागत किया जा रहा था और स्वरूपों की आरती की जा रही थी। जगह-जगह पुष्प वर्षा की जा रही थी।
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रामबरात में निकलीं झांकियों के साथ सेल्फी लेतीं युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
पूरे मार्ग में कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। भीड़ के सहारे लोग खुद ब खुद आगे बढ़े जा रहे थे। कोई भी श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघभन के मनोहारी स्वरूपों को देखने का मौका नहीं छोड़ना चाह रहा था। स्वरूपों केमाथे का तिलक, सिर पर आभूषण और रत्न जड़ित मुकुट, वस्त्र और भाव भंगिमा बरबस लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच ले रही थी। स्वरूपों की एक झलक पाने को लोग बेताब दिख रहे थे। इनकी खुशी को कोई ठिहाना नहीं था।