फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बिना भवन के चलेंगे कई परिषदीय स्कूल, आसमान के नीचे 'ककहरा' पढ़ेंगे बच्चे

Wed, 26 Jun 2019 01:08 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 26 Jun 2019 01:08 PM IST
विज्ञापन
Primary school Run without buildings Kids will read open sky
राधा नगर में छोटी कोठरी में संचालित प्राथमिक विद्यालय - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जून से परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय खोलने, साफ-सफाई कराने व मूलभूतसुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे एक जुलाई को विद्यार्थी स्कूल पहुंचे तो उन्हें अच्छा माहौल मिले। लेकिन जिले में  कई परिषदीय विद्यालय भवनविहीन हैं। खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगेंगी। आदेशानुसार, यहां भी शिक्षक पहुंचे, उनके करने के लिए ज्यादा कुछ था नहीं। जब विद्यालय भवन नहीं है तो बिजली, पंखे, पानी और शौचालय की उम्मीद भी कैसे की जा सकती है। विभाग विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था तो नहीं बना पा रहा है, पर स्कूलों में पंजीकरण बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहा है, इससे शिक्षक परेशान हैं।
Primary school Run without buildings Kids will read open sky
प्राथमिक विद्यालय कन्या, जगदीशपुरा में खड़ी रहती है गाड़ियां, रखे जाते हैं ड्रम - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालय कन्या, जगदीशपुरा में प्रधानाध्यापिका अलका पालीवाल और शिक्षामित्र रुचि कुमार और शिक्षामित्र कुर्सी पर बैठकर कुछ चर्चा कर रही थीं। यह सुबह आठ बजे विद्यालय पहुंच गई थीं, भवन तो है नहीं, गैलरी में विद्यार्थी बैठते हैं, वहां सफाई करवाई। बाकी कुछ करने के लिए था नहीं। पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश हैं। विद्यालय में पहले से 85 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इनको बैठाने की जगह नहीं है। छह वर्ष में प्रधानाध्यापिका ने विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है।
Primary school Run without buildings Kids will read open sky
एक स्कूल की साफ सफाई करतीं शिक्षिका - फोटो : अमर उजाला
उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापिका कीर्ति दुबे मौजूद थीं। 30 विद्यार्थियों पर वह अकेली शिक्षिका हैं। एक कोठरी में दोनों स्कूलों का सामान रहता है। उसके छोटे से बरामदे में वह खुद सफाई कर रही थीं। उन्होंने बताया कि 36 हजार रुपये बिजली कनेक्शन के लिए आए थे, मकान मालिक ने मना कर दिया। बजट लौटाना पड़ा। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। स्कूल खुलने पर बोतल का पानी मंगवाया जाता है। पांच से छह बार इन्होंने भी बीएसए को स्कूल भवन के संबंध में पत्र लिखा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Primary school Run without buildings Kids will read open sky
प्राथमिक गोबर चौकी का भवन कई वर्ष पहले गिर चुका है - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक गोबर चौकी का भवन कई वर्ष पहले गिर चुका है। एक प्लेटफार्म पर विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां कोई छाया भी नहीं है। सुबह इंचार्ज प्रधानाध्यापिका प्लेटफार्म की सफाई कराकर चली गईं। प्राथमिक विद्यालय, राधा नगर में छोटी कोठरी में स्कूल का कुछ सामान रखा है, इस पर टीनशेड पड़ा है, कोठरी की दशा खराब है। गत सत्र में चार पिलर बनाकर टिन शेड डाला गया। गर्मी में विद्यार्थी इसके नीचे बेहाल हो जाते हैं। 
विज्ञापन
Primary school Run without buildings Kids will read open sky
प्राथमिक विद्यालय - फोटो : अमर उजाला
राजीव वर्मा, महामंत्री, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि तीन वर्ष में कम से कम 10 बार बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन दिया जा चुका है। भवनविहीन स्कूलों के विद्यार्थियों का पास के स्कूलों या अन्य किराए के भवनों में संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसकी मांग फिर से बुलंद की जाएगी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed