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यूपीः यमुना नदी में सीधे गिर रहे सीवर, जलनिगम को भरना पड़ेगा 11 करोड़ का जुर्माना

Wed, 18 Dec 2019 01:08 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 18 Dec 2019 01:08 PM IST
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Pollution Control Board fixes fine on Jal Nigam Cause of Sewers falling in Yamuna
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट - फोटो : अमर उजाला
धांधूपुरा, पीलाखार और नगला बूढ़ी के तीनों सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट न चलने के कारण यमुना नदी में सीवर सीधे पहुंच रहा है। ऐसा कुछ घंटों या दिनों से नहीं, बल्कि महीनों और सालों से चल रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक यमुना नदी में सीवर पहुंचने को लेकर आदेश जारी कर चुका है।
Pollution Control Board fixes fine on Jal Nigam Cause of Sewers falling in Yamuna
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के कारण उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 15 लाख रुपये के जुर्माने के बाद जल निगम पर 11 करोड़ रुपये जुर्माने की सिफारिश की है। पांच साल से यह तीनों एसटीपी यमुना नदी को घातक प्रदूषित कर रहे हैं। बोर्ड की सिफारिश पर लखनऊ में 11 करोड़ रुपये जुर्माने की फाइल बढ़ा दी गई है। पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत जल निगम को नोटिस भेजने की तैयारी में है।
Pollution Control Board fixes fine on Jal Nigam Cause of Sewers falling in Yamuna
ताज पूर्वी गेट पर बना नाला - फोटो : अमर उजाला
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मॉनीटरिंग कमेटी के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस डीपी सिंह ने चार जुलाई को आगरा में पीलाखार और धांधूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था। इन एसटीपी के संचालन की स्थिति पर वह मौके पर ही नाराजगी जता गए थे। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल निगम पर जुर्माने के लिए निर्देश दिए थे। इससे पहले एनजीटी के ही निर्देश पर एसटीपी की रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में दाखिल भी हो चुकी है। एनजीटी में दायर की गई याचिका में मॉनीटरिंग कमेटी के पूर्व सदस्य स्व. डीके जोशी ने सभी एसटीपी बंद होने और सीवर सीधे यमुना में जाने पर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।


 
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Pollution Control Board fixes fine on Jal Nigam Cause of Sewers falling in Yamuna
यमुना नदी में गंदगी - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पूर्वी गेट पर पाठक प्रेस के सामने सीवेज पंपिंग स्टेशन नहीं बनाया जाएगा। यहां जल निगम ने कोल्हाई से आ रहे नाले को पाठक प्रेस के सामने पंपिग स्टेशन बनाकर सीवेज ट्रीटमेंट की योेजना बनाई थी, लेकिन वन विभाग ने यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर निर्माण और जमीन के उपयोग की अनुमति नहीं दी। जल निगम के निर्माण खंड ने इसके बाद यहां पंपिंग स्टेशन की योजना रद्द कर दी है। आगरा स्मार्ट सिटी के तहत अलीगढ़  मुस्लिम विश्वविद्यालय के सहयोग से ताज पूर्वी गेट नाले को प्राकृतिक तरीके से वेटलैंड स्कीम के जरिए शोधित किया जाएगा। 
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Pollution Control Board fixes fine on Jal Nigam Cause of Sewers falling in Yamuna
मंडलायुक्त अनिल कुमार - फोटो : अमर उजाला
धांधूपुरा समेत एसटीपी बंद होने के संबंध में जल निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रिपोर्ट मांगी गई है। ये कब-कब बंद रहे और इससे यमुना को क्या नुकसान हुआ, इसका ब्योरा तलब किया गया है। -अनिल कुमार, मंडलायुक्त
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