प्रदेश सरकार ने अब मेधावियों के नाम पर भी सड़कों का नामकरण किए जाने का फैसला लिया है तो सरकारी महकमों में यह भी देखा जा रहा है कि कौन कौन सी सड़कें हैं, जिनके नाम नहीं रखे गए हैं। आगरा नगर निगम की 150 में से 60 ही सड़कें किसी न किसी के नाम पर है, बाकी अभी अनाम हैं। हालांकि नामकरण के लिए प्रस्ताव लगातार निगम को मिल रहे हैं। अगली स्लाइड्स में जानें आगरा में कब से शुरू हुआ सड़कों का नामकरण...
एक्सक्लूसिव: ताजनगरी की 60 सड़कें नाम पर...90 हैं अनाम, जानें कब से शुरू हुआ 'नामकरण' का सिलसिला
- आगरा नगर निगम की 150 में से 60 ही सड़कें किसी न किसी के नाम पर है, बाकी अभी अनाम हैं।
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जिन सड़कों के नाम हैं, उनमें प्रमुख रूप से मोतीलाल नेहरू मार्ग, महात्मा गांधी मार्ग, बाबू गुलाब राय मार्ग, भागीरथी देवी मार्ग, अग्रसेन मार्ग शामिल हैं। नगर निगम क्षेत्र में 1728 किमी लंबी सड़कें हैं, जिनमें से 941 किमी लंबी सड़कें तीन मीटर से चौड़ी हैं। बाकी पुराने शहर की तंग गलियां हैं। इनमें से शहर के प्रमुख मार्गों में ज्यादातर किसी न किसी के नाम पर हैं। निगम की कार्यकारिणी में विजय नगर में सड़क का नाम स्व. विनोद बिहारी तिवारी के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव रखा जा चुका है, जिस पर सदन में फैसला होना बाकी है।
1965 से शुरू हुआ सिलसिला
नगर निगम में सड़कों के नाम रखे जाने का सिलसिला 1965 से शुरू हुआ। हालांकि लोक निर्माण विभाग की सड़कों का नामकरण इससे पहले भी हुआ। यह सीधे शासन स्तर से होता था।
ऐसे रखा जाता है नाम
नगर निगम कार्यकारिणी में प्रस्ताव रखने के बाद सदन उसे पास करता है। उसके बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है। वहां से मंजूरी मिलने पर सड़क का नामकरण हो जाता है।
मोती लाल नेहरू मार्ग, महात्मा गांधी मार्ग सहित 10 से ज्यादा सड़कें नेताओं के नाम हैं। खंदारी में एक सड़क का नाम महेंद्र रिपुदमन सिंह मार्ग है। साहित्यकार बाबू गुलाब राय के नाम पर भी मार्ग है। पिछले साल मुगल रोड का नाम बदलकर महाराजा अग्रसेन मार्ग नाम किया गया था।
वर्ष 2000 में कमिश्नर ने मां के नाम पर रखवाया था सड़क का नाम
वर्ष 2000 में तत्कालीन कमिश्नर अशोक कुमार ने खंदारी रोड का नाम बदलकर भगीरथी देवी मार्ग करा लिया था। भगीरथी देवी उनकी मां थीं।
सेंट पीटर्स कॉलेज के सामने की सड़क का नामकरण पिछले साल छात्रा गार्गी के नाम पर हुआ था। गार्गी की मौत सड़क हादसे में हुई थी। उसके नाम पर सड़क का नाम रखे जाने के लिए आंदोलन चला था।