"मेरे भाई नीरज ने कोई लूट की वारदात नहीं की थी। वह एक अधिकारी की गाड़ी चलाता था। उसे फंसाया गया है। एक दिन पहले पुलिस ने घर आकर तलाशी ली। पत्नी सीमा को बंदूक का भय दिखाकर कमरे में बंद कर दिया। पुलिस कुछ सामान उठा कर ले गई। अगले दिन घर आकर पत्नी से कोरे कागज पर साइन कराए। उसके बाद बताया कि एनकाउंटर में नीरज मर गया है। यह कहना था गांव धाना, सैंया के मनोज बघेल का।"
वह भाई नीरज की मौत के बाद से सदमे में हैं। उन्होंने पुलिस पर नीरज को पकड़ कर गोली मारने का आरोप लगाया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और डीजीपी से करने की बात भी कही है।
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नीरज के परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था मामला
दरअसल, मथुरा के फरह क्षेत्र में गोविंद नगर के व्यापारी से हुई चांदी लूट के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इनमें सैयां इलाके का रहने वाला नीरज भी शामिल था। उसके पैर में गोली लगी थी। शुक्रवार तड़के उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 2 घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने जब परिजन को उसकी मृत्यु की जानकारी दी तब उसके दोनों भाई गुजरात की मोरबी में ट्रक चलाने गए हुए थे।
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नीरज के परिजन।
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नीरज तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई मनोज और नरेंद्र ट्रक चलाते हैं। भाई मनोज ने बताया कि छोटा भाई नीरज पहले उनके साथ ट्रक पर ही काम करता था। बाद में उसने अपना ट्रैक्टर खरीद लिया। 2 साल पहले एक अधिकारी की गाड़ी चलाने लगा था। इस कारण ट्रैक्टर को बेच दिया। अधिकारी के साथ ही वह विभाग में नौकरी के लिए प्रयास में लगा था।
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मथुरा एनकाउंटर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नीरज की भाभी सीमा ने बताया कि नीरज छुट्टी मिलने पर सप्ताह में एक बार ही घर आ पाता था। उसका कमरा अलग था। जिस पर वह नौकरी पर जाने से पहले ताला लगा देता था। सोमवार को वह कासगंज के सोरों से कांवड़ लेकर आया था। मंगलवार दोपहर तक वह घर में ही रहा।
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मथुरा एनकाउंटर।
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इसके बाद उसे दोस्त अपनी बहन के घर ले जाने के लिए साथ ले गया। शाम को 5 बजे वह फिर लौटकर आया। फिर किसी काम से चला गया था। रात को 9 बजे घर आकर खाना खाया और अपने कमरे में जाकर सो गया। बुधवार को भी पूरे दिन घर में ही रहा।