सैफई की जिस जमीन से निकलकर मुलायम सिंह यादव ने अपनी सियासी पहचान बनाई, कल वहीं पर उनका अंतिम संस्कार होगा। सपा संरक्षक के लोगों से व्यक्तिगत संबंध घनिष्ठ थे। एक बार की मुलाकात के बाद वे लोगों को भूलते नहीं थे। आगरा के जाने माने होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आर एस पारीक ने मुलायम सिंह यादव से जुड़े कुछ पुराने प्रसंग बताए।
डॉ. आर एस पारीक ने बताया कि मुलायम सिंह से मेरी पहली मुलाकात करीब 50 साल पहले एक कार्यक्रम में हुई थी। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे 1966 में बेलनगंज स्थित मेरे क्लिनिक पर मरीजों को भेजते थे। ये उनके विधायक बनने से पहले की बात है। 40 साल पहले पेट में दिक्कत होने पर खुद दिखाने आए थे। इसके बाद संबंध बनते गए। वे जब भी आगरा आते तो आवास पर आकर साथ भोजन करते थे। निजी जीवन में वे अत्यंत संवेदनशील, पारिवारिक और रिश्तों को निभाने वाले व्यक्ति थे। यह पहलू उनके कुशल राजनीतिज्ञ और मजबूत प्रशासक वाली छवि से भिन्न था।
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मुलायम सिंह यादव और डॉ. आरएस पारीक
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. आर एस पारीक ने बताया कि एक प्रसंग सदा याद रहता है। मैं लखनऊ में उनके आवास से निकल रहा था। तब वे मुख्यमंत्री थे, मुझे छोड़ने बाहर आए। ड्राइवर के पास जाकर बोले, गाड़ी धीरे चलाना, बरसात हो रही है, हाईवे पर होशियार रहना। इस मानवीय पहलू से मैं अभिभूत हो गया।
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मुलायम सिंह यादव और डॉ. आरएस पारीक
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उन्होंने बताया कि उनकी याददाश्त बहुत तेज थी। भीड़ में पुराने साथियों को पहचान कर बुला लेना, मिलना और मदद करना उनकी खासियत थी।
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मुलायम सिंह यादव
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मुलायम सिंह यादव आगरा के विकास के लिए विशेष रुचि रखते थे। कई चीजें नहीं हो सकीं, सरकारें बदलती रहीं। मैं अक्सर आश्चर्य करता था उनके फोन अन्य विरोधी दलों के लोगों के स्वास्थ्य उपचार के लिए आते थे। इससे लगा कि राजनीति में भी, बहुत मतभेद होने के बावजूद उन्होंने किसी से मनभेद नहीं रखा।
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मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
डॉ. आर एस पारीक ने बताया कि उनसे गैर राजनीतिक संबंध रखने वाले मुझ जैसे अनेक लोग आज शोक संतप्त हैं।