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तस्वीरें: ताजनगरी में रखा गया ऐतिहासिक फूलों का ताजिया, निकाला जुलूस
Sun, 08 Sep 2019 12:51 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 08 Sep 2019 12:51 PM IST
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जुलूस में मातम करते शिया समुदाय के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में मोहर्रम की सातवीं तारीख को पाय चौकी कटरा दबकैय्यान स्थित इमामबाड़े में ऐतिहासिक फूलों का ताजिया रखा गया। साथ ही शहरभर में विभिन्न स्थानों पर ताजिए रखने का सिलसिला शुरू हो गया। ताजियों पर जियारत की गई। वहीं पुराने इमामबाड़े से हजरत अब्बास की याद में अलम का जुलूस निकाला गया।
ऐतिहासिक फूलों की ताजिया
- फोटो : अमर उजाला
पाय चौकी में हाजी सरफराज चौधरी ने शनिवार शाम सात बजे इमामबाड़े में फूलों का ताजिया रखवाया। ताजियों के चौकी-इमामबाड़ों में रखते ही मुस्लिम इलाकों में चहल-पहल शुरू हो गई। शनिवार को शहर में तकरीबन दो हजार ताजिए रखे गए। पाय चौकी में तीन दिन तक फूलों के ताजिये की जियारत करने के लिए जिलेभर से अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मोहर्रम की दसवीं तारीख को ताजियों को करबलाओं में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
शिया समुदाय ने निकाला जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
शिया समुदाय की ओर से शाहगंज के चिल्लीपाड़ा स्थित पुराने इमामबाड़े से हजरत अब्बास की याद में अलम का जुलूस निकाला गया। ‘करबला के जंगल में शाह का घराना है, तीन दिन के प्यासों को रोने का जमाना है... इस नौहे के साथ ही जुलूस में शामिल युवाओं ने या हुसैन ... या अब्बास की सदाओं के साथ सीनाजनी की। शाहगंज चौराहे पर छुरी, कमां और ब्लेड से मातम किया।
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जुलूस में मातम करते शिया समुदाय के लोग
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को शाहगंज में अलम के जुलूस में लोग गम-ए-अब्बास में शरीक हुए। जुलूस में कदीमी नौहा अमीर अहमद ने ‘जैनब लिपट के रोई अब्बास के अलम से’ सुनाकर शुरुआत की। इसे सुनने के बाद लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने मातम किया। युवा व बच्चों ने हाथों में ब्लेड, छुरी और कमां से अपने शरीर को लहूलुहान कर लिया।
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मजलिस में बोलते मौलाना मुदस्सिर हुसैन
- फोटो : अमर उजाला
मंटोला में अखाड़ों के कलाकारों ने ढोल और पटेबाजी के करतब दिखाए। इस मौके पर 12 स्थानों पर सजाए गए स्टेजों पर कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। मंटोला के लोगों ने अखाड़े के उस्तादों का साफा बांधकर सम्मान किया। इस दौरान लोहामंडी, बेसन बस्ती, पक्की सराय, सैयदपाड़ा, सुल्तानपुरा, वजीरपुरा के अखाड़ों ने प्रतिभाग किया।