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मुड़िया पूर्णिमा मेला: गुरु के सम्मान में सिर मुंडवाकर नाचे संत, निभाई 500 वर्ष पुरानी परंपरा
Wed, 17 Jul 2019 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 17 Jul 2019 12:03 AM IST
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मुड़िया संतों ने निकाली शोभायात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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गोवर्धन के मुड़िया पूर्णिमा मेले में मंगलवार को ढोल, ढप, झांझ-मजीरे की धुन पर मुड़िया संतों ने शोभायात्रा निकाल 500 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन किया। वाद्य यंत्रों की धुन पर मुड़िया संतों ने श्रीपाद सनातन गोस्वामी के डोले के साथ नगर में भ्रमण किया। पुष्पवर्षा के साथ जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गुरु पूर्णिमा पर मंगलवार को गोवर्धन के मुड़िया मेले में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम दिखाई दिया। एक तरफ जहां गिरिराज जी के जयकारों के साथ लाखों श्रद्धालु परिक्रमा पर बढ़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ गुरु के सम्मान में सिर मुडवाए मुड़िया संत ढोलक-ढप और झांझ-मजीरे की धुन पर नाच रहे थे। मुड़िया संतों का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
मुड़िया संतों ने निकाली शोभायात्रा
- फोटो : अमर उजाला
चकलेश्वर स्थित राधा-श्याम सुंदर मंदिर से मंगलवार सुबह मुड़िया शोभायात्रा महंत रामकृष्ण दास महाराज के निर्देशन में निकाली गई। जो दसविसा, हरिदेवजी मंदिर, दानघाटी मंदिर, डीग अड्डा, बड़ा बाजार, हाथी दरवाजा होते हुए शुभारंभ स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान मुड़िया संत हरिनाम संकीर्तन के साथ नृत्य करते हुए निकले तो उनके आगे हर शीश नतमस्तक हो गया।
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शोभायात्रा से पूर्व संतों ने सिर मुडवाए
- फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि गोवर्धन में मानसी गंगा स्थित चकलेश्वर महादेव मंदिर में बंगाल के संत सनातन गोस्वामी रहते थे। वो हमेशा सिर का मुंडन कराकर भगवान की भक्ति में लीन रहते थे। इसलिए लोग उन्हें मुड़िया बाबा कहते थे। गुरु पूर्णिमा के दिन उन्होंने ब्रह्मलोक की प्राप्ति की थी। तभी से उनके शिष्य अपना सिर का मुंडन कराकर मानसी गंगा की परिक्रमा करते हैं। जो परंपरा 500 वर्षों से चली आ रही है।
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राधा कृष्ण के स्वरूप
- फोटो : अमर उजाला
मुड़िया संतों की शोभायात्रा के दौरान राधा-कृष्ण के स्वरूपों की झांकियां भी निकली गईं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। बता दें कि मुड़िया संतों की शोभायात्रा के साथ आज मुड़िया पूर्णिमा मेले का समापन हो जाएगा। इस बार मेले में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ आई है। प्रशासन के अनुसार परिक्रमा करने वाले भक्तों का आंकड़ा एक करोड़ के करीब पहुंच चुका है।